मिथिलेश कुमार पाण्डेय व्यूरो चीफ औरंगाबाद।
औरंगाबाद। आज दिनांक 21/06/2026 बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकर एवं उच्च न्यायालय पटना के निर्देशानुसार अन्तर्राष्ट्रीय योगा दिवस 2026 जिला विधिक सेवा प्राधिकार, एवं व्यवहार न्यायालय, औरंगाबाद के संयुक्त तत्वावधान में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार राजीव रंजन कुमार के नेतृत्व में बृहत एवं भव्य रूप से योग दिवस को योग उत्सव के रूप में मनाया गया। योगा कार्यक्रम शुरू करने से पहले प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अन्य न्यायाधीशों द्वारा सामुहिक रूप से दीप प्रज्जवलित करते हुए इसकी शुरूआत की गयी।
सामुहिक रूप से योगा कार्यक्रम मे योग के प्रति जागरूक करते हुए प्रधान जिला जज द्वारा प्रत्येक व्यक्ति एवं परिवार को योग करने के लिए प्रेरित किया। योग उत्सव कार्यक्रम का मुख्य आयोजन व्यवहार न्यायालय में नव निर्मित भवन के बेंसमेंट में प्रधान जिला जज के नेतृत्व में आयोजित किया गया। जिसमें अरूण कुमार प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय विश्व विभूति गुप्ता, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार गुप्ता, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश लक्ष्मीकान्त मिश्रा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार झा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कन्हैया लाल यादव, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश विवेक कुमार सिंह, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश उमेश प्रसाद, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश मनीष कुमार जायसवाल, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश पंकज पाण्डेय जिला एवं सत्र न्यायाधीश, लाल बिहारी पासवान, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, डा0 दीवान फहद खान, अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी सुशील प्रसाद सिंह, अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी संदीप कुमार सिंह, अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी अनिश कुमार, अनुमण्डलीय न्यायिक दण्डाधिकारी, अभय सिंह, न्यायकर्ता, कुमार अभिजित राय, नीकिता राज, शिवांगी, न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव, तान्या पटेल, सहित समस्त न्यायिक पदाधिकारीगण, एवं कर्मचारीगण तथा अन्य ने इसमें एक साथ योग कर अपनी भागीदारी निभाई। उक्त आयोजित योग दिवस पर उपस्थित लोगों को प्रशिक्षित योग शिक्षक योगेन्द्र भूषण, ने विभिन्न योग के आसनों का अभ्यास कराया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रधान जिला जज ने योग के प्रति लोगों को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को योग को दिनचार्या में शामिल करना चाहिए। उन्होंने अपने सम्बोधन में यह भी कहा कि योग भारत में आदि काल से योग चला आ रहा है। जिसका पहचान अब अन्तराष्ट्रीय स्तर पर पहुॅच चुकी है। योग भारतीय परम्पराओं तथा ऋषि मुनियों का आदिकाल से हिस्सा रहा है जो अब अपना वैश्विक स्तर पर यह पहचान बना चुका है। प्रधान जिला जज द्वारा कहा गया कि मानव के सुखी और निरोग जीवन के लिए इसके महत्व को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ ने 21 जून को ’’अन्तर्राष्ट्रीय योगा दिवस घोषित किया है। अतः हम सभी को योग को प्रतिदिन अपने जीवन में आत्मसात करना बेहद ही जरूरी है। योग सिर्फ न कई बीमारियों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है, साथ ही मनुष्य को कई मानसिक समस्याओं से निजात दिलाता है। योग का शाब्दिक अर्थ ही जोड़ होता है जिसका मतलब शरीर और एकाग्र मन जब आपस में जुड़ते हैं, तो एक स्वस्थ्य एवं एकाग्रचित शरीर का निर्माण होता है ,जो सभी बीमारियों से दूर रखने में सहायक साबित होता है।
प्राधिकार के सचिव तान्या पटेल ने भी योग के महत्व को बताते हुए कहा कि अगर व्यक्ति योग को जीवन में आत्मसात करता है तो वह शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ्य होता है। और स्वस्थ्यचित व्यक्ति कई समस्याओं को अपने पास आने से रोक लेता है। अक्सर यह देखा गया है कि कई तरह के विधिक समस्याओं के पीछे मानसिक परेशानी रहती है जो योग से दूर की जा सकती है। अगर वह योग से जुड़ा होता तो वह मानसिक समस्या से दूर रहता तो उसके समक्ष विधिक समस्या भी नहीं होती। इसलिए प्रत्येक मनुष्य की समस्याओं का निदान योग में निहित है, बस इसे जानने और करने की जरूरत है। सचिव द्वारा बताया गया कि इस बार योग का थीम स्वस्थ आयु के लिए योग’ है।

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