गढ़वा ब्यूरो चीफ डॉ श्रवण कुमार की रिपोर्ट।
एटीएच न्यूज़ 11:- गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत हरिहरपुर ओपी क्षेत्र के मझिगावां गांव के असनाखांड़ टोला निवासी 50 वर्षीय श्रमिक अंबिका रजवार की छत्तीसगढ़ में बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है। वहीं यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अभाव और मजबूरी में पलायन करने की स्थिति को सामने लेकर आई है। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार अंबिका रजवार, पिता स्वर्गीय देवकी रजवार, लगभग एक माह पूर्व मजदूरी करने के लिए छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला स्थित अंजोरा क्षेत्र में एक निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार के पास गए थे। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण घर का खर्च चलाने के लिए उन्हें दूसरे राज्य में जाकर मजदूरी करनी पड़ती थी। बताया गया कि परिवार के चारों भाई रोजगार की तलाश में अलग-अलग प्रदेशों में रहकर मेहनत-मजदूरी करते हैं। परिजनों ने बताया कि गुरुवार सुबह अंबिका ने अपनी पत्नी मंजू देवी से फोन पर बातचीत की थी। बातचीत के कुछ समय बाद सूचना मिली कि वे बिजली की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौत हो गई। अचानक आई इस खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
मृतक अपने पीछे पत्नी, वृद्ध माता-पिता, दो पुत्रियां और एक पुत्र छोड़ गए हैं। गांव में सूचना पहुंचते ही लोगों की भीड़ जुट गई और घर में चीख-पुकार मच गई। सबसे मार्मिक स्थिति यह रही कि सूचना मिलने के समय घर में वृद्ध पिता के अलावा कोई पुरुष सदस्य मौजूद नहीं था। ग्रामीणों का कहना है कि यदि क्षेत्र में पर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध होते तो लोगों को परिवार छोड़कर दूर-दराज राज्यों में मजदूरी करने नहीं जाना पड़ता। अंबिका की मौत ने फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब ग्रामीण युवाओं और श्रमिकों को अपने ही जिले में सम्मानजनक रोजगार मिलेगा।
समाचार लिखे जाने तक मृतक के शव को छत्तीसगढ़ से उनके पैतृक गांव लाने की प्रक्रिया जारी है।


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