महराजगंज। भिटौली थाना क्षेत्र के भैंसा गांव में रविवार को एक 17 वर्षीय किशोर का शव घर के कमरे में फंदे से लटकता मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया, जबकि गांव में शोक और चर्चा का माहौल है। परिजन गंभीर हालत में किशोर को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार भैंसा गांव निवासी रुदल साहनी अपनी पत्नी के साथ एक रिश्तेदार का इलाज कराने के लिए घर से बाहर गए हुए थे। घर पर उनका सबसे छोटा पुत्र राजकुमार (17 वर्ष) अकेला था। दोपहर करीब एक बजे किसी समय उसने कमरे की छत में लगी कुंडी से फंदा लगाकर आत्मघाती कदम उठा लिया। काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं निकलने पर परिजनों और ग्रामीणों को शक हुआ। जब कमरे की जांच की गई तो राजकुमार का शव फंदे से लटकता मिला।
घटना की जानकारी मिलते ही परिवार और गांव के लोग मौके पर जुट गए। आनन-फानन में उसे नीचे उतारकर जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां सरोज देवी और पिता रुदल साहनी का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों के अनुसार राजकुमार का गांव की ही एक युवती से प्रेम संबंध था। दोनों एक-दूसरे से विवाह करना चाहते थे, लेकिन अलग-अलग जाति होने के कारण दोनों परिवार इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं थे। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे को लेकर पूर्व में भी दोनों पक्षों के बीच विवाद और तनाव की स्थिति बन चुकी थी।
ग्रामीणों में यह भी चर्चा है कि घटना से पहले किशोर और युवती के बीच मोबाइल फोन पर कई बार बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान किसी बात को लेकर कहासुनी होने की भी चर्चा है। हालांकि पुलिस ने अभी तक इन चर्चाओं की पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है।
मृतक तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी असामयिक मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भिटौली पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है तथा किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों को परखा जाएगा।
प्रभारी महराजगंज
कैलाश सिंह.

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