संपादक डॉ मदन मोहन मिश्र की रिपोर्ट।
ATH NEWS 11 GROUP :-गयाजी दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय सीयूएसबी के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र एमएमटीटीसी द्वारा उच्च-शिक्षा के शिक्षकों के लिए 24 दिवसीय आवासीय गुरु दक्षता कार्यक्रम' फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम का भव्य शुभारम्भ हुआ। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसीकी महत्वाकांक्षी मालवीय मिशन-शिक्षक प्रशिक्षण योजना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह कर रहे हैं। इस प्रशिक्षण में बिहार और झारखण्ड के विभिन्न उच्च शिक्षा संस्थानों से 42 नवनियुक्त शिक्षक भाग ले रहे हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य उनकी प्रोफेशनल क्षमता को निखारना है।
कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने अपने संदेश में कहा कि यह कार्यक्रम शिक्षकों के प्रोफेशनल डेवलपमेंट, विषयगत समझ और समावेशी प्रवृत्ति को बढ़ावा देकर 'विकसित भारत 2047' के विजन को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगा।
स्थानीय जुड़ाव के साथ वैश्विक दृष्टिकोण जरूरी प्रो. चंद्र भूषण शर्मा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग के कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा ने 'उच्च शिक्षा के अतीत, वर्तमान और भविष्य' विषय पर शिक्षकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पढ़ाना सिर्फ़ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की सेवा है। उन्होंने शिक्षकों को खुले विचारों वाला बनने, व्याख्या करने की क्षमता विकसित करने और सोच-समझकर सवालों के जवाब देने का कौशल सीखने के लिए प्रेरित किया। 'उच्च शिक्षा का अंतर्राष्ट्रीयकरण और वैश्वीकरण' पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा कि संस्थानों को अपने स्थानीय परिवेश से जुड़े रहते हुए भी वैश्विक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
एनईपी 2020 और रिसर्च इकोसिस्टम पर हुआ मंथन--
उद्घाटन सत्र के बाद विभिन्न शैक्षणिक सत्रों का आयोजन किया गया स्वागत एवं रूपरेखा पीआरओ मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि स्कूल ऑफ एजुकेशन के डीन प्रो. रवि कांत ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि एमएमटीसी-सीयूएसबी के निदेशक व कार्यक्रम समन्वयक डॉ. तरुण कुमार त्यागी ने 24 दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा सामने रखी।
एनईपी 2020 एनईपी प्रकोष्ठ के समन्वयक प्रो. प्रणव कुमार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी कार्यान्वयन और विश्वविद्यालयों की बेस्ट प्रैक्टिसेज को साझा किया।
रिसर्च इकोसिस्टम शोध एवं विकास प्रकोष्ठ के समन्वयक प्रो. दुर्ग विजय सिंह ने उच्च शिक्षा संस्थानों में रिसर्च इकोसिस्टम को बढ़ावा देने और प्रभावी शोध प्रस्ताव Research Proposal बनाने के गुर सिखाए।
नैतिक जिम्मेदारी पर ज़ोर समापन भाषण में एसईबीईएस के डीन प्रो. रिज़वानुल हक ने कहा कि प्रभावी शिक्षण के लिए जीवन भर सीखने की ललक और नैतिक जिम्मेदारी के प्रति प्रतिबद्धता ज़रूरी है।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षक शिक्षा विभाग की लेफ्टिनेंट डॉ. प्रज्ञा गुप्ता ने किया। अंत में प्रोग्राम समन्वयक डॉ. आतिश कुमार दाश ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया और कृषि विभाग के डॉ. हेमंत कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के अध्यक्ष, डीन और शिक्षकगण मौजूद रहे।

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