झारखंड गढ़वा ब्यूरो चीफ डॉ श्रवण कुमार की रिपोर्ट।
एटीएच न्यूज़ 11:- प्रतिभा किसी बड़े शहर या सुविधाओं की मोहताज नहीं होती। अगर मन में लगन और हाथों में हुनर हो तो मिट्टी और साधारण सामग्री से भी ऐसी कलाकृति तैयार की जा सकती है, जिसे देखकर हर कोई तारीफ करने पर मजबूर हो जाए। इसका उदाहरण पेश किया है कांडी प्रखंड के सड़की गाँव की रहने वाली और कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय कांडी की दसवीं कक्षा की छात्रा बिंदिया मेहरा ने।
बिंदिया ने दीपावली के अवसर पर अपनी अद्भुत रचनात्मकता का परिचय देते हुए महज दो घंटे में अपने हाथों से मां लक्ष्मी की बेहद आकर्षक प्रतिमा तैयार कर दी। प्रतिमा की बनावट, चेहरे की सुंदरता और बारीक कलात्मक प्रस्तुति देखकर ऐसा लगता है मानो किसी अनुभवी कलाकार ने इसे तैयार किया हो। खास बात यह है कि इस पूरी कलाकृति को छात्रा ने स्वयं अपने हाथों से आकार दिया है।
बिंदिया की इस कलाकारी ने विद्यालय की शिक्षिकाओं, छात्राओं और स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। कम समय में इतनी सुंदर प्रतिमा तैयार करना उसकी एकाग्रता, मेहनत और कला के प्रति रुचि को दर्शाता है। ग्रामीण परिवेश से आने वाली इस छात्रा ने अपने हुनर से यह साबित कर दिया कि प्रतिभा को पहचान और प्रोत्साहन मिले तो गांव की बेटियां भी अपनी अलग पहचान बना सकती हैं।
बिंदिया की इस कलाकृति की चर्चा क्षेत्र में हो रही है। लोगों का मानना है कि यदि इस होनहार छात्रा को उचित मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिले तो वह भविष्य में कला के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकती है। कस्तूरबा विद्यालय परिवार एवं बीईईओ विजय पाण्डेय,बीपीओ रविन्द्र कुमार मेहता,सीआरपी अरुण कुमार व स्थानीय लोगों ने छात्रा की प्रतिभा की सराहना करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

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