मिथिलेश कुमार पाण्डेय व्यूरो चीफ औरंगाबाद।
औरंगाबाद। आज दिनांक 03/11/2026 आगामी 12 दिसंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार औरंगाबाद सक्रिय रूप से तैयारियों में जुटा है। इसी क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल की अध्यक्षता में उनके प्रकोष्ठ में अभियोजन पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला अभियोजन पदाधिकारी दीपक कुमार सिन्हा, सहायक अभियोजन पदाधिकारी (APO) विनय कुमार एवं विकास कुमार सहित अन्य अभियोजन पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। सचिव तान्या पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आम नागरिकों को त्वरित, सुलभ एवं कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराने का एक प्रभावी माध्यम है। इसके जरिए लंबे समय से लंबित सुलहनीय मामलों का आपसी सहमति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में समाधान किया जा सकता है। उन्होंने अभियोजन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने स्तर से ऐसे सुलहनीय आपराधिक मामलों को चिह्नित करें, जिनका निष्पादन आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में संभव है। साथ ही संबंधित मामलों के पक्षकारों को लोक अदालत के महत्व एवं इसके लाभों से अवगत कराते हुए उन्हें आपसी सहमति से विवादों का समाधान करने के लिए प्रेरित करें। बैठक में लंबित सुलहनीय आपराधिक मामलों की पहचान, संबंधित अभिलेखों की उपलब्धता, पक्षकारों की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा मामलों के निष्पादन की प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावी बनाने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
सचिव तान्या पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय, सक्रिय सहभागिता एवं सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। अभियोजन पक्ष की भूमिका इसमें काफी महत्वपूर्ण है। मामलों की पहचान से लेकर उनके निष्पादन तक अभियोजन पदाधिकारियों का सक्रिय सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से पूरी गंभीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से विवादों का समाधान होने से न केवल न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम होता है, बल्कि आम लोगों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से भी राहत मिलती है। इससे पक्षकारों के समय, धन एवं श्रम की बचत होती है तथा आपसी सहमति से विवादों का समाधान होने के कारण सामाजिक सौहार्द भी मजबूत होता है। बैठक में उपस्थित अभियोजन पदाधिकारियों ने आगामी 12 दिसंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार को हरसंभव सहयोग देने तथा आपसी समन्वय के साथ अधिकाधिक सुलहनीय मामलों के निष्पादन की दिशा में कार्य करने का आश्वासन दिया।
उल्लेखनीय है कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता को लेकर विभिन्न संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों के साथ बैठकें आयोजित कर तैयारियों को गति दी जा रही है, ताकि अधिक से अधिक आम नागरिकों को लोक अदालत के माध्यम से त्वरित, सुलभ एवं प्रभावी न्याय का लाभ मिल सके।

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