संपादक डॉ मदन मोहन मिश्र की रिपोर्ट।
ATH NEWS 11 GROUP:-21 नवंबर को एनआई एक्ट विशेष लोक अदालत, मध्यस्थता अभियान 3.0 और 12 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का होगा आयोजन लंबित मामलों को चिह्नित कर पक्षकारों को समय पर नोटिस भेजने के सख्त निर्देश
गया।आगामी लोक अदालतों और मध्यस्थता अभियानों के माध्यम से अधिक से अधिक मुकदमों के त्वरित समाधान को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियाँ तेज हो गई हैं। इसी क्रम में, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष (जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गया) डॉ. राकेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में उनके चैंबर में सभी न्यायिक पदाधिकारियों की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में आगामी 21 नवंबर को आयोजित होने वाली एनआई एक्ट चेक बाउंसवादों की विशेष लोक अदालत, मध्यस्थता अभियान 3.0 और 12 दिसंबर को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता का खाका तैयार किया गया।
बैठक के मुख्य दिशा-निर्देश...
मामलों का चिह्नीकरण व नोटिस प्रधान जिला जज ने न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि समझौते के योग्य लंबित वादों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित करें और संबंधित पक्षकारों को समय से नोटिस निर्गत करना सुनिश्चित करें।
मध्यस्थता पर जोर विशेष रूप से उन मामलों को चिह्नित करने पर बल दिया गया जिनमें आपसी सहमति से समाधान की संभावना है, ताकि मध्यस्थता के जरिए उनका निपटारा कराया जा सके।
जागरूकता व सहभागिता- आम जनता और पक्षकारों को लोक अदालत तथा मध्यस्थता के फायदों के प्रति जागरूक करने और उनकी अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।समीक्षा एवं समन्वय- चिह्नित मामलों की नियमित समीक्षा करने तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के साथ बेहतर समन्वय बनाकर एक प्रभावी कार्ययोजना लागू करने को कहा गया।
"लोक अदालत विवादों के आपसी सहमति से त्वरित, सुलभ और सौहार्दपूर्ण समाधान का सबसे सशक्त माध्यम है। सभी अधिकारी इस दिशा में सक्रिय प्रयास करें।"
— डॉ. राकेश कुमार सिंह, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, गया
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी...
इस महत्वपूर्ण बैठक में परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश सुनील कुमार वर्मा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम शशिकांत ओझा, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के सचिव अरविंद कुमार दास सहित सभी एसीजेएम (ACJM) और प्रथम व द्वितीय श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी उपस्थित रहे।

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