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प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत विशेष सोलर परामर्श एवं सहायता शिविर का हुआ आयोजन.






मिथिलेश कुमार पाण्डेय व्यूरो चीफ औरंगाबाद।





औरंगाबाद।आज दिनांक 06 अगस्त 2026 को जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में समाहरणालय परिसर स्थित नगर भवन में 'प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना' के अंतर्गत एक दिवसीय विशेष सोलर परामर्श एवं सहायता शिविर का आयोजन किया गया। 


शिविर का उद्देश्य जिले के अधिकाधिक विद्युत उपभोक्ताओं को स्वच्छ एवं सस्ती ऊर्जा से जोड़ना, योजना के प्रति व्यापक जन-जागरूकता उत्पन्न करना, आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाना तथा बैंक ऋण, सब्सिडी एवं तकनीकी परामर्श सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन से हुआ। इसके उपरांत जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा, उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह, जिला परिषद अध्यक्षा, जिला परिषद उपाध्यक्ष, नगर परिषद अध्यक्ष एवं अन्य जनप्रतिनिधियों तथा पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।


प्रारंभिक सत्र में विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता एवं दोनों विद्युत प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंताओं द्वारा उपस्थित नागरिकों को रूफटॉप सोलर संयंत्र की तकनीकी व्यवहार्यता, नेट-मीटरिंग प्रणाली, विद्युत उत्पादन क्षमता, विद्युत बिल में होने वाली बचत, आवेदन प्रक्रिया, संयंत्र स्थापना की प्रक्रिया एवं रख-रखाव सहित विभिन्न तकनीकी पहलुओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।अधिकारियों ने लाभुकों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए बताया कि सोलर रूफटॉप प्रणाली न केवल घरेलू विद्युत व्यय में उल्लेखनीय कमी लाती है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण एवं ऊर्जा सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत केवल भारत सरकार द्वारा अधिकृत एवं पंजीकृत विक्रेताओं के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण उपकरण स्थापित किए जाते हैं। प्रत्येक संयंत्र के साथ आवश्यक गुणवत्ता मानक, वारंटी एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध रहती है।उन्होंने आवेदन की संपूर्ण प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, निरीक्षण, नेट-मीटर स्थापना, सब्सिडी भुगतान एवं विद्युत संयोजन से संबंधित सभी चरणों की जानकारी विस्तार से प्रदान की तथा उपस्थित नागरिकों के प्रश्नों का समाधान किया।


अपने  संबोधन में जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा द्वारा सभी जनप्रतिनिधियों, नागरिकों एवं उपस्थित पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना देश के प्रत्येक परिवार को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी एवं जनकल्याणकारी पहल है।

 उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा का अधिकाधिक उपयोग भविष्य की आवश्यकता है तथा यह आर्थिक बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा योजना की समीक्षा के क्रम में यह पाया गया कि योजना अत्यंत लाभकारी होने के बावजूद जिले में अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी है, जिसका प्रमुख कारण योजना के संबंध में आम नागरिकों के बीच पर्याप्त जानकारी का अभाव रहा है। इसी उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा विशेष सोलर परामर्श एवं सहायता शिविर का आयोजन किया गया है, ताकि अधिकाधिक नागरिक योजना की जानकारी प्राप्त कर इसका लाभ उठा सकें।


जिला पदाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 125 यूनिट तक निःशुल्क विद्युत उपलब्ध कराई जा रही है, किंतु नगर निकाय क्षेत्रों एवं अनेक ग्रामीण परिवारों में विद्युत खपत इससे अधिक होती है। ऐसे परिवार यदि अपने घरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करते हैं, तो 125 यूनिट से अधिक होने वाले विद्युत व्यय में भी उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि मात्र एक किलोवाट क्षमता का सोलर संयंत्र औसतन 125 से 130 यूनिट तक विद्युत उत्पादन करने में सक्षम है, जिससे अधिकांश परिवारों के अतिरिक्त बिजली बिल का भार समाप्त हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह योजना दीर्घकालिक आर्थिक निवेश है, जिससे परिवारों का नियमित विद्युत व्यय धीरे-धीरे समाप्त होने की दिशा में अग्रसर होगा। वर्तमान समय में घरेलू विद्युत उपकरणों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसके कारण बिजली की खपत एवं बिल में वृद्धि स्वाभाविक है। ऐसी स्थिति में रूफटॉप सोलर प्रणाली अपनाना प्रत्येक परिवार के लिए आर्थिक दृष्टि से अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।


जिला पदाधिकारी ने योजना के अंतर्गत उपलब्ध वित्तीय सहायता की जानकारी देते हुए बताया कि एक किलोवाट संयंत्र पर ₹30,000, दो किलोवाट पर ₹60,000 तथा तीन किलोवाट क्षमता तक अधिकतम ₹78,000 की केंद्रीय सब्सिडी उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने बताया कि सब्सिडी की राशि निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत लाभुकों के खाते में शीघ्र हस्तांतरित की जाती है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के लिए प्रारंभिक निवेश करना कठिन है, उनके लिए विभिन्न बैंकों द्वारा अत्यंत रियायती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला प्रशासन ने सभी बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित किया है कि पात्र आवेदकों को अनावश्यक कारणों से ऋण से वंचित न किया जाए। पूर्व में जिन आवेदनों में कठिनाइयाँ आई थीं, उनका भी पुनरीक्षण कर लाभुकों को योजना का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला पदाधिकारी ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि वे स्वयं इस योजना का लाभ लें तथा अपने-अपने वार्ड एवं पंचायत क्षेत्र में कम-से-कम दस पात्र परिवारों को योजना से जोड़ने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधियों, प्रशासन एवं नागरिकों का सामूहिक सहयोग प्राप्त हो तो औरंगाबाद जिला भी राज्य के अग्रणी जिलों में सम्मिलित हो सकता है।


उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य प्रत्येक पात्र परिवार तक योजना का लाभ पहुँचाना है तथा इसके लिए व्यापक जन जागरूकता अभियान निरंतर संचालित किया जाएगा। उन्होंने आम नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने घरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कर विद्युत बचत, आर्थिक समृद्धि एवं पर्यावरण संरक्षण के राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएँ।


उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि जिला प्रशासन ने यह अनुभव किया कि योजना की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा जानकारी का अभाव है। इसी कारण विशेष सोलर मेले का आयोजन किया गया है, जिससे आम नागरिकों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों को भी योजना की समुचित जानकारी उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में उनकी भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि वे अपने क्षेत्र में पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें योजना के लिए प्रेरित करें तथा कम-से-कम दस परिवारों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित करें। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा भविष्य की स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा है। इसके उपयोग से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अक्षय ऊर्जा स्रोतों को अपनाना समय की आवश्यकता है। जिला प्रशासन इस दिशा में सभी आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।


कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के सफल लाभार्थियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि योजना के माध्यम से उनके विद्युत बिल में उल्लेखनीय कमी आई है तथा कई परिवारों का बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। योजना के वित्तीय पक्ष को सरल बनाने के उद्देश्य से शिविर में विभिन्न प्रमुख बैंकों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने सहायता काउंटर स्थापित किए। बैंक अधिकारियों ने लाभुकों को सोलर संयंत्र स्थापना हेतु उपलब्ध ऋण, आसान किश्तों, रियायती ब्याज दरों एवं ऋण स्वीकृति प्रक्रिया के संबंध में ऑन-द-स्पॉट परामर्श प्रदान किया। शिविर में सरकार द्वारा अधिकृत एवं पंजीकृत सोलर वेंडरों ने भी भाग लिया। उन्होंने लाभुकों को उनकी आवश्यकता एवं छत की क्षमता के अनुरूप उपयुक्त सोलर संयंत्र के चयन, उपकरणों की गुणवत्ता, वारंटी, स्थापना प्रक्रिया तथा केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सब्सिडी के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।


कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्षा, उपाध्यक्षा, अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, अपर समाहर्ता विशेष, विभिन्न पंचायतों एवं नगर निकायों के जनप्रतिनिधि, विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता, दोनों विद्युत प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, बैंक प्रतिनिधि, अधिकृत सोलर वेंडर एवं बड़ी संख्या में विद्युत उपभोक्ता उपस्थित रहे।

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