मिथिलेश कुमार पाण्डेय व्यूरो चीफ औरंगाबाद।
औरंगाबाद। आज दिनांक 21/06/2026 सरस्वती शिशु मंदिर औरंगाबाद में रविवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूर्ण आध्यात्मिक एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। दीप प्रज्वलन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि औरंगाबाद लोकसभा के पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह, विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष डॉ. शिवपूजन सिंह, उपाध्यक्ष अमन शेखर, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम कुमार सिंह, उच्चतर खंड के प्रधानाचार्य नीरज कुमार कौशिक तथा प्राथमिक खंड के प्रधानाचार्य सुमन कुमार सिंह द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
अतिथियों का परिचय विद्यालय के प्रभारी उपप्रधानाचार्य संजय कुमार सिंह ने कराया। तत्पश्चात प्रधानाचार्य नीरज कुमार कौशिक एवं अन्य आचार्यों द्वारा आगत अतिथियों का सम्मान किया गया।कार्यक्रम में विद्या भारती द्वारा निर्धारित योग के विभिन्न आयामों का अभ्यास वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक राकेश कुमार पांडेय के निर्देशन में कराया गया। योगाभ्यास के अंतर्गत रेचक, कुम्भक, पवनमुक्तासन, मंडूकासन, वज्रासन तथा सूर्य नमस्कार सहित अनेक आसनों एवं प्राणायामों का विधिवत अभ्यास कराया गया
भैया-बहनों,आचार्य-दीदी, अभिभावकों, अतिथियों तथा विद्यालय के समस्त कर्मचारियों ने पूरे मनोयोग एवं अनुशासन के साथ योगाभ्यास में सहभागिता की। इस अवसर पर स्वास्थ्य संवर्धन एवं विभिन्न रोगों की रोकथाम में योग की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला गया।कार्यक्रम में मीडिया कर्मियों की सक्रिय सहभागिता रही, जिसका समन्वय मीडिया प्रमुख रवि रंजन पांडे कर रहे थे।मुख्य अतिथि पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की प्राचीन योग परंपरा को आज संपूर्ण विश्व ने स्वीकार किया है तथा 100 से अधिक देशों में योग का व्यापक प्रसार हुआ है। उन्होंने विद्यार्थियों से योग संबंधी प्रश्न पूछकर उन्हें नियमित योगाभ्यास के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि योग को बचपन से ही जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए योग को वैश्विक पहचान दिलाने में उनके योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या एवं सक्रिय जीवनशैली को स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक बताया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के उच्चतर खंड के प्रधानाचार्य नीरज कुमार कौशिक ने धन्यवाद ज्ञापन किया। शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ। इस अवसर पर सैकड़ों आचार्य, दीदीजी, अभिभावक एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

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