मिथिलेश कुमार पाण्डेय व्यूरो चीफ औरंगाबाद ।
औरंगाबाद। आज दिनांक 26/06/2026 मादक पदार्थो के सेवन, नषीली दवाओं का दुरूपयोग एवं अवैध व्यापार के विरूद्ध अन्तर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अन्तर्गत विधिक सेवा सदन में प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार की अध्यक्षता में एक जागरूकता सह शपथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रधारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनीष कुमार जायसवाल ने उपस्थित न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा न्यायालय एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार से सम्बन्धित पैनल अधिवक्ताओं तथा कर्मियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि नशे की लत का खतरा विश्व के साथ-साथ भारत के युवाओं में तेजी से फैल रहा है। इस दिवस का उदेश्य अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर नशीली दवाओं से मुक्ति पाना है, तथा समाज में सशक्तिकरण लाना है। इस दिन विभिन्न संगठन इस खतरे को खत्म करने के लिए शपथ लेते हैं और अवैध ड्रग्स की चुनौतियों को शान्तिपूर्वक सम्बोधित करने पर जोर देते हैं। उनका मूल सिद्धान्त युवाओं की रक्षा करना और मानव जाति के कल्याण को बढ़ावा देना है। आज मादक पदार्थो एवं नशीली दवाओं के दुरूपयोग एवं इनकी अवैध तस्कारी के खिलाफ अन्तर्राष्ट्रीय दिवस होने के कारण जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में विधिक सेवा सदन में एक जागरूकता सह शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें अरूण कुमार प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, एवं अपर सत्र न्यायाधीष, लक्ष्मीकान्त मिश्रा , लाल बिहारी पासवान मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, अभय सिंह न्यायकर्ता, एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रभारी सचिव प्रदीप चन्द्रा सहित कर्मचारीगण तथा अन्य लोग उपस्थित होकर कर इस अवसर पर शपथ ग्रहण किया। प्रभारी जिला जज की अध्यक्षता में आयोजित किये गये जागरूकता सह शपथ कार्यक्रम में मुख्य रूप से मादक पदार्थो एवं नशीली दवाओं का उपयोग करने वाले लोगों और उनके परिवारों पर घृणा और भेदभाव के नकारात्मक प्रभाव के बारे में जागरूकता फैलाने, उन लोगो के बीच एड्स और हेपेटाईटिस महामारी के बारे में जागरूकता बढ़ाने, जो नषीली दवाओं एवं मादक पदार्थाे का उपयोग करते हैं और एचआईवी और हेपेटाइटिस रोकथाम कार्यक्रमों का विस्तार करके उन्हें मजबूत करने, मादक पदार्थो एवं नषीली दवाओं के उपयोग करने वाले सभी लोगो के लिए साक्ष्य-आधारित स्वेच्छिक सेवाओं का बढ़ावा देने, मादक पदार्थो एवं नषीली दवाओं के उपयोग के विकारों, उपलब्ध उपचारों और शीघ्र हस्तक्षेप और सहायता के महत्व के बारे में शिक्षित करने, मादक पदार्थो एवं नषीली दवाओं के उपयोग करने वाले लोगो के लिए सम्मानजनक भाषा और व्यवहार को बढ़ावा देकर घृणा और भेदवभाव से मुकाबला करने के लिए प्रेरित करने, मादक पदार्थो एवं नशीली दवाओं के उपयोग और व्यसन को रोकने के लिए युवाओं और समुदाय को सशक्त बनाने पर इस शपथ कार्यक्रम के माध्यम से जागरूकत किया गया। साथ ही जोर देते हुए कहा गया कि किसी प्रकार का नशा का सेवन करने वाले व्यक्ति को नशा धीरे-धीरे करके मौत के मुंह में धकेलता रहता है और लोग जाने-अंजाने में नषीली दवाओं का सेवन करते रहते हैं। मानव शरीर पर नशीली दवाओं के उपयोग से उसकी प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर हो जाती है। जिसका प्रभाव सीधे उनके स्वास्थ्य पर पड़ता है। उन्होंने आगे बताया गया नषीली दवाओं का निर्माण स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं के ईलाज हेतु किया जाता है ।जो बिना चिकित्सक के परामर्श और लिखित पर्चा के देना, बेचना एवं सेवन करना गैर कानूनी है, और इसके लिए कानून में कई प्रावधान किये गये हैं।

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