ATH NEWS 11 GROUP :-गयाजी वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार के निर्देशन में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गया पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। साइबर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक अंतरजिला साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है और इसके 7 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से 14 एटीएम कार्ड, 22 सिम कार्ड, 1 पासबुक, 1 चेकबुक और 34,000 रुपये नकद समेत कई मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
म्यूल खातों के जरिए हो रहा था खेल जानकारी के अनुसार, 20 जून 2026 को साइबर थाना को सूचना मिली थी कि कुछ 'म्यूल खातों' दूसरों के नाम पर खुले बैंक खातों का उपयोग साइबर अपराधी धोखाधड़ी की रकम को ट्रांसफर और विड्रॉ करने के लिए कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपाधीक्षक-सह-थानाध्यक्ष साइबर थाना के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
कड़ी दर कड़ी जुड़ती गई कड़ियां----
पुलिस टीम ने जब संदेहास्पद खाताधारकों से पूछताछ की, तो परतें खुलती चली गईंbसबसे पहले रॉकी कुमार मगध मेडिकल थाना को गिरफ्तार किया गया, जो लोगों को प्रलोभन देकर उनके नाम पर खाते और सिम कार्ड लेता था। रॉकी की निशानदेही पर अभिषेक पासवान परैया थाना को दबोचा गया, जिसने प्रति खाता ₹5,000 देकर रॉकी से 6 खाते खरीदे थे। अभिषेक के पास से ₹34,000 कैश मिला।अभिषेक से पूछताछ के बाद औरंगाबाद के रफीगंज में छापेमारी कर मुख्य कड़ी अंकित कुमार को गिरफ्तार किया गया। अंकित प्रति खाता ₹7,000 देकर इन्हें खरीदता था। उसके पास से ही भारी मात्रा में एटीएम और सिम कार्ड मिले। अंकित का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है और वह नालंदा के नूरसराय थाने के एक मामले में भी आरोपी है।
एनसीआरपी पोर्टल से हुआ खुलासा, करीब 9 लाख की हेराफेरी----
जांच के दौरान नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर पता चला कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों—गौतम कुमार पिता: कंजित पासवान, निखिल कुमार, गौतम कुमार पिता: वेदप्रकाश शर्माऔर आकाश कुमार के खातों पर पहले से ही साइबर फ्रॉड की शिकायतें दर्ज थीं। ये सभी म्यूल खाताधारक अपराधियों को पैसे ठिकाने लगाने में मदद कर रहे थे।
इन खातों के जरिए अब तक ₹8,98,538 की अवैध राशि प्राप्त कर तत्काल दूसरे खातों में ट्रांसफर की जा चुकी थी।
मामला दर्ज, अन्य की तलाश जारी---
इस पूरे मामले में साइबर थाना कांड संख्या-91/26 (दिनांक 21/06/2026) दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस इस रैकेट से जुड़े अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

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