गढ़वा ब्यूरो चीफ डॉ श्रवण कुमार की रिपोर्ट।
एटीएच न्यूज़ 11:- गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड क्षेत्र के बलियारी गांव में आयोजित श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ अपनी धार्मिक भव्यता के साथ अब एक विरल और अटूट संकल्प का गवाह बनने जा रहा है। यहाँ भक्ति और विश्वास की ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने आयोजन समिति से लेकर आम श्रद्धालुओं तक को हैरत में डाल दिया है। ग्राम पंजरी (रेहला) की बेवी देवी और बलियारी के ही विकास कुमार दुबे उर्फ छोटू दुबे ने यज्ञशाला की निरंतर 'अखंड परिक्रमा' का संकल्प लेकर सबको चकित कर दिया है। भक्ति मार्ग पर चलने का यह निर्णय किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। बेवी देवी ने यज्ञ समिति को लिखित आवेदन देकर 21 अप्रैल की शाम 5:00 बजे से अगले दिन 22 अप्रैल की सुबह 5:00 बजे तक, यानी लगातार 12 घंटे तक बिना रुके परिक्रमा करने की अनुमति मांगी है। वहीं, विकास कुमार दुबे (पिता अम्बिका दुबे) ने श्रद्धा की सीमाओं को और विस्तार देते हुए 21 अप्रैल की सुबह 10:00 बजे से 22 अप्रैल की सुबह 10:00 बजे तक, पूरे 24 घंटे निरंतर परिक्रमा करने का कठिन संकल्प लिया है।इस कठिन अनुष्ठान की संवेदनशीलता को देखते हुए दोनों श्रद्धालुओं ने पूरी जिम्मेदारी का हलफनामा भी दिया है। आवेदन में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि इस लंबी और शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण परिक्रमा के दौरान यदि कोई मानसिक या शारीरिक क्षति होती है, तो उसके जिम्मेदार वे स्वयं होंगे।यज्ञ मंडप के इर्द-गिर्द इस 'महा-संकल्प' को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। जहाँ बुजुर्ग और श्रद्धालु इसे ईश्वर के प्रति अगाध निष्ठा और तपस्या मान रहे हैं, वहीं कुछ लोग भीषण गर्मी और स्वास्थ्य के लिहाज से इसे काफी चुनौतीपूर्ण बता रहे हैं। फिलहाल, यज्ञ समिति सुरक्षा और श्रद्धा के बीच संतुलन बनाने पर विचार कर रही है। लोगों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आस्था की यह शक्ति क्या नया इतिहास रचेगी।

Post a Comment