गढ़वा ब्यूरो चीफ डॉ श्रवण कुमार की रिपोर्ट।
एटीएच न्यूज़ 11:- गढ़वा जिले के कांडी थाना क्षेत्र के सोनपुरा गांव में उस वक्त कोहराम मच गया, जब शुक्रवार दोपहर मृतिका कलिता देवी का शव गांव पहुंचा। मौत से गुस्साए सैकड़ों ग्रामीणों ने सुबह से ही सड़क जाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। मुआवजे और अवैध रूप से चल रहे ट्रैक्टरों पर कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीण धरने पर लगभग बीस घंटे बैठ गए, जिससे यातायात पूरी तरह ठप रहा।
प्रशासनिक मुस्तैदी और कार्रवाई का भरोसा-
हंगामे की सूचना मिलते ही कांडी थाना प्रभारी असफाक आलम दल-बल के साथ मौके पर डटे रहे। तनाव बढ़ता देख अंचलाधिकारी राकेश सहाय घटनास्थल पर पहुँचे और उग्र जनता को समझा-बुझाकर शांत कराया। सीओ ने स्पष्ट किया कि बिना रजिस्ट्रेशन और बीमा के सड़कों पर दौड़ रहे ट्रैक्टरों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने जिला पदाधिकारी को पत्र लिखकर ऐसे वाहनों पर कड़ी कार्रवाई और चालकों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य करने की बात कही है। काफी मशक्कत के बाद प्रशासन और ग्रामीणों के बीच मुआवजे को लेकर सहमति बनी वहीं गाड़ी मालिक की ओर से तत्काल 2 लाख रुपये दिए गए, जबकि शेष 1 लाख रुपये 15 दिनों के भीतर देने का लिखित आश्वासन मिला।
वहीं सीओ ने सरकारी प्रावधान के तहत 1 लाख रुपये और पारिवारिक लाभ योजना के तहत मृत्यु प्रमाण पत्र मिलते ही 20 हजार रुपये दिलाने की अनुशंसा की।और हिट-एंड-रन केस के तहत पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर जिला परिवहन कार्यालय की ओर से 2 लाख रुपये का अतिरिक्त मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया गया।
इसी दौरान प्रखंड प्रमुख सत्येंद्र कुमार पांडेय उर्फ पिंकू पांडेय ने स्थानीय ईंट भट्ठा मालिकों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सोनपुरा, बरवाडीह, डूमरसोता और सुंडीपुर जैसे क्षेत्रों में अवैध रूप से मिट्टी का उठाव कर मौत का खेल खेला जा रहा है।
वहीं, अंचलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि अवैध बालू माफिया पर पूर्ण प्रतिबंध लगेगा और जल्द ही पंचायतवार (कैटेगरी वन) बालू वितरण की व्यवस्था शुरू की जाएगी। फिलहाल, दुर्घटना कारित करने वाले ट्रैक्टर को पुलिस ने जब्त कर लिया है। वहीं मृतक के परिजनों द्वारा शव के अंतिम संस्कार हेतु सोन नदी के तट पर किया गया।

Post a Comment