गढ़वा ब्यूरो चीफ डॉ श्रवण कुमार की रिपोर्ट।
एटीएच न्यूज़ 11:- गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत हरिहरपुर ओपी क्षेत्र के मझिगावां पंचायत के महुदड़ टोला में सोमवार को ग्रामीणों ने निर्माणाधीन नहर के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया, तो नहर निर्माण कार्य को रोक दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार, यह नहर फुलवार, कवलदाग, हुरका, रपुरा, केवाल, मझिगावां, डगर, हरिहरपुर, दारिदह एवं श्रीनगर सहित दर्जनों गांवों के खेतों की सिंचाई के उद्देश्य से बनाई जा रही है। इसके बावजूद स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में भारी लापरवाही बरती जा रही है और प्रभावित परिवारों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नहर के दोनों किनारों पर लगभग 300 घर बसे हुए हैं, लेकिन आवाजाही के लिए न तो कहीं छोटी पुलिया बनाई गई है और न ही वैकल्पिक रास्ते (बामा) की व्यवस्था की गई है। लोगों को मजबूरन लकड़ी और अस्थायी साधनों के सहारे नहर पार करनी पड़ रही है, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण कार्य शुरू होने के समय संवेदक मनोज सिंह के द्वारा आवश्यक स्थानों पर पुलिया एवं रास्ता देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बावजूद वादे पूरे नहीं किए गए। जबकि इस मुद्दे को लेकर सिंचाई विभाग के कई अधिकारी भी जांच कर चुके हैं। वर्तमान में नहर निर्माण का लगभग 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, फिर भी बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी जारी है। इसके अलावा ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खुदाई की गई मिट्टी को समतल ढंग से नहीं फैलाया जा रहा है, जिससे कहीं 5 फीट तो कहीं 15 फीट तक चौड़ाई हो गई है। और नहर के पास कि भूमि की ढाल दक्षिण से उत्तर की ओर है कहीं भी पानी की निकासी की जगह नहीं दी गई है जिस वजह से दक्षिण दिशा का क्षेत्र डूब जाता है। इस नहर के रास्ते से गांव का मुख्य आवागमन मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है। एक अन्य गंभीर मुद्दा बबूराहा अहरा से जुड़ा है, जो गांव का पुराना जलस्रोत है और कई एकड़ भूमि की सिंचाई का आधार है। ग्रामीणों का कहना है कि नहर से अहरा तक पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। उल्टा नहर का स्तर अहरा से नीचे होने के कारण अहरा का पानी नहर में बह जाने की आशंका है, जिससे सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
ग्रामीणों ने बताया कि फिलहाल गर्मी के मौसम में किसी तरह खेतों के रास्ते मुख्य सड़क तक पहुंचा जा रहा है, लेकिन बरसात में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही पुलिया, रास्ता एवं जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। विरोध प्रदर्शन में सविता देवी, पुष्पा देवी, रानी देवी, पार्वती देवी, मंजू देवी, लखपति देवी, गीता देवी, अजय राम, दिनेश यादव, नागेंद्र यादव, महेंद्र प्रजापति, जनेश्वर यादव सहित दर्जनों ग्रामीण शामिल थे।

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