थाना लालगंज से रामजीत चौधरी की रिपोर्ट.
ATH NEWS 11 GROUP -:लालगंज कुदरहा-सोशल मीडिया पर इस समय एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पुलिसिया संवेदनशीलता और 'खाकी' के मानवीय चेहरे के दो अलग अलग पहलू देखने को मिला। मामला बस्ती जिले के लालगंज थाना क्षेत्र का है, जहां एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद मौके पर पहुंचे चौकी इंचार्ज कुदरहा घायलों की जान बचाने के बजाय अपनी तस्वीरें और वीडियो खिंचवाने में व्यस्त नजर आए। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। वही डायल 112 की पुलिस घायलों को खुद उठाकर एंबुलेंस में लाद रही थी।
घटना गुरुवार शाम करीब 4:00 बजे की है। राम जानकी मार्ग पर स्थित चकिया गांव (गांधी आश्रम) के पास दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने बेहद जोरदार भिड़ंत हो गई।
"घायल तड़प रहे थे, दारोगा जी पब्लिसिटी बटोर रहे थे"
इस पूरी त्रासदी के बीच जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, उसने स्थानीय लोगों में आक्रोश भर दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे की सूचना पर जब कुदरहा चौकी इंचार्ज उमेश सिंह अपने हमराहियों के साथ मौके पर पहुंचे, तो उनका रवैया बेहद शर्मनाक था।
ग्रामीणों का बड़ा आरोप: "जहां एक-एक सेकंड घायलों की जान बचाने के लिए कीमती था, वहां चौकी इंचार्ज उमेश सिंह एंबुलेंस के सामने खड़े होकर अपने पुलिसकर्मियों से फोटो और वीडियो खिंचवा रहे थे। घायल सड़क पर तड़प रहे थे, लेकिन पुलिस को अपनी पब्लिसिटी की ज्यादा फिक्र थी।"
इंटरनेट पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दुर्घटनास्थल पर चीख-पुकार मची है, लोग घायलों को संभालने में जुटे हैं, वहीं चौकी इंचार्ज मदद में हाथ बंटाने के बजाय कैमरे के सामने 'पोज' देने में मशगूल हैं। पुलिस के इस 'पब्लिसिटी स्टंट' को लेकर इलाके के लोगों में भारी नाराजगी है और वे दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
यह घटना यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या पुलिस के लिए किसी की जिंदगी से ज्यादा जरूरी सोशल मीडिया की तस्वीरें हो गई हैं?

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