झारखंड गढ़वा ब्यूरो चीफ डॉ श्रवण कुमार की रिपोर्ट।
एटीएच न्यूज़ 11:- गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत प्रसिद्ध सतबहिनी झरना तीर्थ एवं पर्यटन स्थल पर लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर साफ-सफाई और तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। छठ महापर्व नजदीक आते ही पूरे परिसर को स्वच्छ एवं आकर्षक बनाने का कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर सतबहिनी झरना तीर्थ स्थल दुल्हन की तरह सज-संवर कर तैयार होता है। यहां छठ पूजा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिलता है।
छठ महापर्व के अवसर पर यहां केवल आसपास के गांवों से ही नहीं, बल्कि झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में व्रती और श्रद्धालु पहुंचते हैं। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह तीर्थ स्थल छठ व्रतियों के लिए बेहद उपयुक्त माना जाता है। यहां सालों भर झर-झर बहता मनोरम झरना और कल-कल करती पवित्र पंडी नदी श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है। चारों ओर फैली हरियाली, लहलहाते पेड़-पौधे और प्राकृतिक वातावरण इस स्थल की सुंदरता में चार चांद लगाते हैं।
मान्यता है कि छठ महापर्व जल स्रोत, नदी, तालाब अथवा कुएं के समीप मनाया जाता है, ताकि व्रतियों को स्नान करने और भगवान सूर्य को अर्घ्य देने में सुविधा हो। इस दृष्टि से प्रकृति की गोद में बसा सतबहिनी झरना तीर्थ स्थल श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। यहां आने वाले श्रद्धालु प्राकृतिक सुंदरता के साथ धार्मिक आस्था का भी अनुभव करते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, जो एक बार यहां आता है, उसका बार-बार आने का मन करता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यहां के झरने में स्नान करने से कई बीमारियों से मुक्ति मिलती है तथा मंदिरों में सच्चे मन से मांगी गई मन्नतें पूरी होती हैं। परिसर में मां सतबहिनी, मां लक्ष्मी, मां काली, बाबा भैरवनाथ, बाबा गणेश, बाबा भोलेनाथ और नंदी महाराज सहित कई भव्य मंदिर स्थित हैं। छठ व्रतियों की सुविधा के लिए यहां विशेष रूप से सूर्य मंदिर भी बनाया गया है। पूरे तीर्थ स्थल की साफ-सफाई, व्यवस्था और देखरेख की जिम्मेदारी विकास समिति द्वारा निभाई जाती है।
जर्जर सड़क से व्रतियों को होगी परेशानी
एक ओर जहां सतबहिनी झरना तीर्थ स्थल पर छठ महापर्व की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर यहां पहुंचने वाली मुख्य सड़क की जर्जर स्थिति श्रद्धालुओं के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। सेतो मोड़ से सतबहिनी झरना तीर्थ स्थल के मुख्य द्वार तक जाने वाली सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बारिश का पानी जमा है। ऐसी स्थिति में छठ महापर्व के दौरान पैदल आने-जाने वाले व्रतियों, बुजुर्गों और बच्चों के साथ-साथ दोपहिया एवं चारपहिया वाहन चालकों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि छठ महापर्व पर यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में जर्जर सड़क के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहेगी। लोगों ने प्रशासन एवं संबंधित जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि महापर्व को देखते हुए तत्काल सड़क के गड्ढों में मोरम भरवाकर आवागमन योग्य बनाया जाए, ताकि व्रतियों और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इतने प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल की मुख्य सड़क की बदहाली पर अब तक किसी जनप्रतिनिधि का ध्यान नहीं गया है। यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई, तो छठ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

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