ATH NEWS 11:-वरिष्ठ शिक्षाविद व पूर्व एन सी सी अधिकारी रवि भूषण पाण्डेय ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) को सुझाव देते हुए कहा की उच्च शिक्षण संस्थानों में बढ़ रही जातीय कटुता और सामाजिक सौहार्द को हो रही हानि पर चिंता जताई है।
श्री पाण्डेय ने कहा कि आज विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में जाति के नाम पर बहस, नारेबाजी और सोशल मीडिया प्रचार के कारण छात्रों के बीच अविश्वास बढ़ रहा है। इसका दुष्प्रभाव सवर्ण सहित सभी वर्गों के विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। शिक्षा के मंदिर को राजनीति और विभाजन का अखाड़ा नहीं बनने देना चाहिए।
उन्होंने UGC से तीन मांगें की हैं। पहला, सभी विश्वविद्यालयों में "सामाजिक सौहार्द प्रकोष्ठ" का गठन हो। दूसरा, पाठ्यक्रम और सेमिनारों में संविधान, राष्ट्रीय एकता और महापुरुषों के समरसता के विचारों को शामिल किया जाए। तीसरा, जातीय द्वेष फैलाने वालों पर कार्रवाई के लिए स्पष्ट गाइडलाइन जारी हो।
श्री पाण्डेय ने कहा, _"हमें एक-दूसरे के खिलाफ नहीं, बल्कि बेरोजगारी, नशा और गरीबी के खिलाफ एकजुट होकर लड़ना है। अगर युवा जाति के नाम पर बंटे तो देश का भविष्य प्रभावित होगा।" उन्होंने UGC से इस विषय पर शीघ्र बैठक कर ठोस कदम उठाने की अपील की।

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