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जिला पदाधिकारी ने आम्रपाली प्रशिक्षण केन्द्र का किया उद्घाटन, बच्चों एवं युवाओं को मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण.

 




मिथिलेश कुमार पाण्डेय व्यूरो चीफ औरंगाबाद।



औरंगाबाद।आज दिनांक 01 अगस्त, 2026 को जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में कला एवं संस्कृति विभाग बिहार सरकार द्वारा संचालित महाराणा प्रताप चौक के समीप स्थित आम्रपाली प्रशिक्षण केन्द्र औरंगाबाद का विधिवत उद्घाटन किया गया।


गौरतलब है कि आम्रपाली प्रशिक्षण केन्द्र में बच्चों एवं युवाओं को भारतीय शास्त्रीय कला के विभिन्न आयामों का निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। केन्द्र में शास्त्रीय गायन, कथक, भरतनाट्यम, हारमोनियम वादन, तबला वादन एवं नाल वादन का नियमित प्रशिक्षण अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा प्रदान किया जाएगा। इस प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना का उद्देश्य भारतीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन तथा नई पीढ़ी में सांस्कृतिक प्रतिभाओं के विकास को प्रोत्साहित करना है।


कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला पंचायती राज पदाधिकारी इफ्तेखार अहमद द्वारा जिला पदाधिकारी का पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। तत्पश्चात जिला पदाधिकारी द्वारा दीप प्रज्वलित कर एवं फीता काटकर प्रशिक्षण केन्द्र का विधिवत उद्घाटन किया गया।



इस अवसर पर जिला पदाधिकारी द्वारा प्रशिक्षण केन्द्र से जुड़े विभिन्न शास्त्रीय कला प्रशिक्षकों को शॉल प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही प्रशिक्षण केन्द्र में नामांकित 20 विद्यार्थियों को नामांकन पर्ची भी वितरित की गई। 

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों द्वारा शास्त्रीय नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी गई, जिसकी उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा सराहना की गई।


अपने संबोधन में जिला पदाधिकारी ने कहा कि आम्रपाली प्रशिक्षण केन्द्र का शुभारंभ औरंगाबाद जिले के लिए गौरव एवं प्रसन्नता का विषय है। यह केवल एक प्रशिक्षण केन्द्र का उद्घाटन नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने तथा कला के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।


उन्होंने कहा कि कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कृति एवं पहचान का अभिन्न अंग है। संगीत एवं नृत्य व्यक्ति के व्यक्तित्व के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा अनुशासन, संवेदनशीलता, आत्मविश्वास एवं सृजनात्मक सोच का विकास करते हैं। वर्तमान समय में ऐसे संस्थान युवाओं को अपनी प्रतिभा को सकारात्मक दिशा प्रदान करने का प्रभावी मंच उपलब्ध कराते हैं।

जिला पदाधिकारी ने कहा कि प्रशिक्षण केन्द्र में शास्त्रीय गायन, कथक एवं भरतनाट्यम सहित विभिन्न भारतीय शास्त्रीय कलाओं का निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाना अत्यंत सराहनीय पहल है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर एवं प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को भी गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा तथा कला के क्षेत्र में समान अवसर सुनिश्चित होंगे।


उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण केन्द्र से प्रशिक्षित होने वाले विद्यार्थी भविष्य में राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए औरंगाबाद एवं बिहार का नाम गौरवान्वित करेंगे। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में आगे बढ़ने हेतु प्रोत्साहित करने का भी आग्रह किया।


जिला पदाधिकारी ने कला एवं संस्कृति विभाग, प्रशिक्षण केन्द्र के सभी प्रशिक्षकों तथा इससे जुड़े अधिकारियों एवं कर्मियों को इस महत्वपूर्ण पहल के लिए शुभकामनाएँ देते हुए आशा व्यक्त की कि आम्रपाली प्रशिक्षण केन्द्र आने वाले समय में औरंगाबाद को सांस्कृतिक गतिविधियों का एक प्रमुख केन्द्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा भारतीय शास्त्रीय कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन में उल्लेखनीय योगदान देगा।


कार्यक्रम में सदर अनुमंडल पदाधिकारी गौरव सिंह, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्वेता प्रियदर्शी, वरीय उप समाहर्ता बेबी प्रिया, जिला योजना पदाधिकारी अविनाश प्रकाश, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी कुमार पप्पू राज, प्रशिक्षण केन्द्र के प्रशिक्षकगण, विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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