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नियमित रूप से जल गुणवत्ता की निगरानी करने तथा लोगों को सुरक्षित पेयजल के लिए जागरूक करने का किया गया आह्वान।

 गढ़वा ब्यूरो चीफ डॉ श्रवण कुमार की रिपोर्ट।



  एटीएच न्यूज़ 11:- गढ़वा जिले के कांडी  में प्रखंड कार्यालय के सभागार में बुधवार को पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, गढ़वा की ओर से एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने तथा जल एवं स्वच्छता संबंधी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना था।

कार्यक्रम में विभाग के जिला समन्वयक अनुज श्रीवास्तव तथा क्वालिटी मैनेजर अनुज चौबे ने मुख्य रूप से उपस्थित होकर प्रखंड के सभी जलसहियाओं को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला में प्रखंड के सभी पंचायतों से आई जलसहियाओं ने भाग लेकर पेयजल, स्वच्छता एवं जल गुणवत्ता से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण जल गुणवत्ता परीक्षण, पेयजल स्रोतों की निगरानी, जल संरक्षण, स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता, तथा गांव स्तर पर जलापूर्ति योजनाओं के रखरखाव जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। जिला समन्वयक अनुज श्रीवास्तव ने कहा कि जलसहियाएं सरकार की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने सभी जलसहियाओं से गांवों में नियमित रूप से जल गुणवत्ता की निगरानी करने तथा लोगों को सुरक्षित पेयजल के उपयोग के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

क्वालिटी मैनेजर अनुज चौबे ने जल गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया, फील्ड वाटर टेस्ट किट के उपयोग तथा दूषित जल से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के उपायों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय-समय पर जल स्रोतों की जांच कर लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है।

कार्यशाला में जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल योजना की प्रगति की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने योजनाओं के संचालन में आने वाली समस्याओं पर चर्चा करते हुए उनके समाधान के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में स्वच्छता बनाए रखने, खुले में शौचमुक्त स्थिति को स्थायी बनाने तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान जलसहियाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और अनुभवों को साझा किया, जिस पर अधिकारियों ने आवश्यक सुझाव एवं मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों से प्राप्त प्रशिक्षण को गांव स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने तथा आमजन को पेयजल एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया गया।

कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सफल वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें विभागीय कर्मियों एवं जलसहियाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली.

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