मिथिलेश कुमार पाण्डेय व्यूरो चीफ औरंगाबाद।
औरंगाबाद। नशामुक्त भारत अभियान के तहत नशा मुक्त सप्ताह के अवसर पर ग्रामीण कार्य विभाग कार्य अंचल औरंगाबाद के कार्यालय परिसर में शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अधीक्षण अभियंता ई. प्रेम प्रकाश रंजन के निर्देशन में अभियंताओं व कर्मचारियों द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान - विकसित भारत की पहचान के लिए शपथ लिया गया। सभी अभियंता वं कर्मचारियों ने यह प्रतीज्ञा किया कि हमसब मिलकर औरंगाबाद जिला सहित पूरे देश को नशामुक्त बनाएँगे। अपने देश को नशामुक्त करने के लिए अपनी क्षमता के अनुसार हर संभव प्रयास करेंगे। सामाजिक सुरक्षा निदेशालय समाज कल्याण विभाग के आदेश पर ग्रामीण कार्य विभाग, बिहार पटना के ज्ञापांक 7676 दिनांक 17 जून 2026 के निदेश के आलोक में ग्रामीण कार्य विभाग कार्य अंचल, औरंगाबाद के परिसर में सभी अभियंताओं तथा कर्मचारियो नशा मुक्त भारत अभियान - विकसित भारत की पहचान के लिए शपथ लिया गया। अधीक्षण अभियंता ई. प्रेम प्रकाश रंजन ने कहा कि नशा मुक्ति अभियान समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने और युवाओं को सही दिशा देने के लिए एक अत्यंत आवश्यक जन-जागरूकता पहल है। यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वस्थ और समृद्ध समाज के निर्माण का राष्ट्रीय संकल्प है। नशे की लत हमारे समाज, हमारे देश के भविष्य यानी हमारे युवाओं को दीमक की तरह खोखला कर रहा है। नशा एक ऐसी घातक बीमारी है, जो व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को ही नष्ट नहीं करती, बल्कि उसके पूरे परिवार को सामाजिक और आर्थिक संकट में धकेल देती है। आज के समय में युवा पीढ़ी का नशे की ओर आकर्षित होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों का सेवन कैंसर, टीबी, और मानसिक बीमारियों जैसी जानलेवा समस्याओं का कारण बनता है। नशे के प्रभाव में आकर युवा अक्सर अपराध और हिंसा का रास्ता अपना लेते हैं। भारत को एक विकसित और सशक्त राष्ट्र बनाने के लिए हमारे युवाओं का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना अनिवार्य है। भारत सरकार द्वारा संचालित नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत पूरे देश में युवाओं, महिलाओं और समुदाय की भागीदारी से नशे के खिलाफ एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाया जा रहा है। लेकिन इस अभियान की सफलता सिर्फ सरकारी प्रयासों पर निर्भर नहीं है। इसमें हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। हमें अपने आस-पास के लोगों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में शिक्षित करना चाहिए। जो लोग नशे के आदी हो चुके हैं, उनसे घृणा करने के बजाय हमें उन्हें सही मार्गदर्शन देना चाहिए और पुनर्वास केंद्रों तक पहुँचाने में मदद करनी चाहिए। lआज ही से हम अपने जीवन में किसी भी प्रकार के नशे का उपयोग न करने की प्रतिज्ञा लें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। हम सब मिलकर यह प्रण लें कि हम अपने देश, अपने समाज और अपने युवाओं को नशे की इस दलदल से बाहर निकालेंगे और एक नशा-मुक्त, सशक्त भारत का निर्माण करेंगे।"नशा नाश का द्वार है, जीवन का आधार नहीं। नशे को कहें ना, और जिंदगी को अपनाएं। मौके पर तकनीकी सलाहकार ई. विभाष पाल, प्राक्कलन पदाधिकारी ई. अशरफ अली, ई. इमरान हुसैन, ई. सूरज कुमार पाण्डेय, सुरभि चटर्जी, आशा देवी, गणेश सिंह सरदार, मोहित कुमार मोदक, गौरी शंकर परीक्षा, अनादि प्रमाणिक, महादेव कुमार, मनोरमा देवी, उमा देवी के अलावें ग्रामीण कार्य विभाग, जाँच एवं गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला औरंगाबाद के सहायक अभियंता ई. रफीक आलम, ई- नीतेश कुमार, अभिषेक कुमार, ज्योति कुमारी तिवारी सहित अभियंता वं कर्मचारी मौजूद थे। वही दूसरी ओर ग्रामीण कार्य विभाग, जाँच एवं गुणवत्ता नियंत्रण प्रमंडल औरंगाबाद के कार्यपालक अभियंता ई. सुमन कुमार के नेतृत्व में भी संविधान दिवस समारोह का आयोजन किया गया, जहां सहायक अभियंता शुभ्रा जायसवाल, शफी अंसारी, आरती कुमारी सहित सभी कर्मचारी मौजूद थे।

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