BJP की दोहरे शतक से बिलबिलाई ममता बनर्जी, इस्तीफा देने से की इनकार।
ATH NEWS 11
0

ATHNEWS11:-पश्चिम बंगाल में बीजेपी की भारी जीत के बावजूद तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने चुनाव परिणाम को स्वीकार नहीं किया।
साथ ही चुनाव आयोग और भाजपा पर धांधली का आरोप लगाया है। ऐसे में अब सारी नजरें राज्यपाल पर टिकी हैं। सवाल यह है कि अगर ममता इस्तीफा न दें तो गवर्नर के पास क्या संवैधानिक विकल्प बचे हैं?
ममता बनर्जी ने साफ कहा है कि वे इस्तीफा नहीं देंगी। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी नैतिक रूप से जीती है और चुनाव में गड़बड़ी हुई है।
टीएमसी अब कोर्ट जाने और विपक्षी दलों के साथ मिलकर लड़ाई जारी रखने की तैयारी कर रही है। ममता ने राजभवन जाने से भी इनकार कर दिया है।
1. इस्तीफा मांगना और फ्लोर टेस्ट- गवर्नर सबसे पहले ममता से इस्तीफा मांग सकते हैं। अगर वे मना कर दें तो नई विधानसभा में विश्वास मत करवा सकते हैं। इसमें साफ हो जाएगा कि किस पार्टी के पास कितना समर्थन है।
2. नई सरकार बनाने का निमंत्रण- बीजेपी के पास 207 सीटें हैं, जो 294 सदस्यीय सदन में स्पष्ट बहुमत है। गवर्नर बीजेपी के नेता को सरकार बनाने का आमंत्रण दे सकते हैं। साथ ही मौजूदा सरकार को भी बहुमत साबित करने का मौका देना संभव है।
3. मंत्रिमंडल बर्खास्त करने का अधिकार- अगर स्थिति बिगड़ती है और मुख्यमंत्री बहुमत खो चुके हों तो गवर्नर मंत्रिपरिषद को बर्खास्त भी कर सकते हैं। हालांकि, ऐसा कदम बहुत कम ही बार उठाना पड़ता है, लेकिन संविधान में यह व्यवस्था है।
4. राष्ट्रपति शासन की सिफारिश- अगर कोई स्थिर सरकार नहीं बन पाती तो गवर्नर राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजकर अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश कर सकते हैं। हालांकि बीजेपी के पास मजबूत बहुमत है, इसलिए यह रास्ता नहीं अपनाने की उम्मीद है।
पश्चिम बंगाल की जनता ने साफ मैंडेट दिया है। अब देखना यह है कि संवैधानिक प्रक्रिया कितनी जल्दी और सही तरीके से आगे बढ़ती है। इस संकट के सुलझने से राज्य की नई सरकार का रूप साफ होगा।
Post a Comment