महराजगंज। जनपद में पुलिसिंग व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने रविवार देर रात थाना कोतवाली फरेंदा का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान थाना परिसर की व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने आई, जिसमें कई स्तरों पर गंभीर लापरवाही उजागर हुई।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने सबसे पहले थाना कार्यालय के अभिलेखों का गहन परीक्षण किया। जांच में अभिलेखों के रख-रखाव में कमी, अद्यतन में लापरवाही और कार्यप्रणाली में शिथिलता पाई गई। इसके अलावा थाना परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली।
साइबर हेल्प डेस्क और महिला हेल्प डेस्क की कार्यप्रणाली की समीक्षा के दौरान भी कई खामियां सामने आईं, जिस पर पुलिस अधीक्षक ने कड़ी नाराजगी जताई।
निरीक्षण में पाई गई गंभीर लापरवाही को देखते हुए उपनिरीक्षक बीरबल चौहान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही प्रभारी निरीक्षक फरेंदा, वरिष्ठ उपनिरीक्षक एवं ड्यूटी मुंशी की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
पुलिस अधीक्षक ने थाना स्तर पर लंबित प्रार्थना पत्रों एवं विवेचनाधीन मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने पाया कि कई मामलों का निस्तारण अपेक्षित गति से नहीं किया गया है। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए सभी लंबित मामलों का शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि अभिलेखों को नियमित रूप से पूर्णता के साथ अद्यतन रखा जाए और प्रत्येक शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर दर्ज कर निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से उसका समाधान किया जाए। साथ ही अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों को अधिक सतर्क और सक्रिय रहने को कहा।
पुलिस अधीक्षक ने यह भी कहा कि थाना स्तर पर पुलिसिंग की गुणवत्ता ही जनता के विश्वास का आधार होती है। यदि फरियादियों को समयबद्ध और न्यायपूर्ण समाधान मिलेगा, तो पुलिस के प्रति जनता का भरोसा स्वतः मजबूत होगा।
इस सख्त कार्रवाई से साफ संकेत मिल रहा है कि जनपद में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी और पुलिस व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए ऐसे औचक निरीक्षण लगातार किए जाएंगे।
प्रभारी महराजगंज
कैलाश सिंह.

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