संपादक डॉ मदन मोहन मिश्र की रिपोर्ट।
ATH NEWS 11 GROUP :-बोधगया, 24 अप्रैल 2026:मगध विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा आज पूर्व छात्र मिलन समारोह “महासंगम 2026” के उपलक्ष्य में एक विशेष व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया। इस गौरवशाली कार्यक्रम का मुख्य विषय “विकसित भारत @2047: चुनौतियाँ एवं अवसर” रहा, जिसमें शिक्षाविदों ने भारत को भविष्य की वैश्विक महाशक्ति बनाने हेतु रोडमैप पर विस्तृत चर्चा की।
प्रमुख वक्ताओं के विचार:-
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. सुधीर कुमार सिंह ने विकसित भारत की संकल्पना को प्राचीन भारतीय विद्वान कौटिल्य के सिद्धांतों से जोड़ा। उन्होंने कहा कि आज की सबसे बड़ी चुनौती एक समावेशी भारत का निर्माण करना है, जहाँ विकास की धारा अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। उन्होंने विदेश नीति के बदलते आयामों और उससे जुड़ी चुनौतियों पर भी अपने विचार साझा किए।
विशिष्ट अतिथि और मुंगेर विश्वविद्यालय के संस्थापक प्रति-कुलपति प्रो. आर. के. वर्मा ने भारतीय विमर्श पर जोर देते हुए कहा, "हमें भारत को पश्चिमी चश्मे से देखना बंद करना होगा। भारत तभी विश्व गुरु बनेगा जब हम अपनी सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करेंगे और विनिर्माण मैन्युफैक्चरिंग व तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शशि प्रताप शाही ने अतिथियों का स्वागत किया और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रगति पर प्रकाश डाला। राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. अंजनी कुमार घोष ने निवेदक के रूप में सभी का अभिनंदन किया।
उपस्थिति एवं संचालन:-
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। मंच संचालन डॉ. मो. शमशाद अंसारी ने अत्यंत कुशलता से किया और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. एहतेशाम खान द्वारा प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षकगण डॉ. कविता, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. श्रद्धा ऋषि, डॉ. लावण्या सहित बड़ी संख्या में शोधार्थी और छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। पूर्व छात्रों के इस समागम ने विश्वविद्यालय परिसर में बौद्धिक चर्चा और पुरानी स्मृतियों का एक अनूठा संगम प्रस्तुत किया।


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