मिथिलेश कुमार पाण्डेय व्यूरो चीफ औरंगाबाद।
औरंगाबाद। आज दिनांक 02 अगस्त, 2026 को युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, छात्र एवं युवा कल्याण निदेशालय, बिहार, पटना के निर्देशानुसार तथा भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय एवं My Bharat के तत्वावधान में माननीय प्रधानमंत्री द्वारा "नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत–संकल्प अभियान" का औरंगाबाद जिला के विभिन्न स्कूलों एवं कॉलेजों में शुभारंभ किया गया। अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशामुक्ति के प्रति जागरूक करते हुए विकसित भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय एवं सकारात्मक भागीदारी सुनिश्चित करना है।
जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निदेशनुसार जिले के शीतयोग इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, औरंगाबाद, किशोरी सिन्हा महिला कॉलेज, औरंगाबाद, सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज, औरंगाबाद, राम लखन सिंह यादव कॉलेज, औरंगाबाद, दाउदनगर कॉलेज, दाउदनगर, अनुग्रह नारायण सिंह कॉलेज, नवीनगर, राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, औरंगाबाद तथा ठाकुर बीडी सिंह कॉलेज, गोह में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण कर अभियान का शुभारंभ किया गया।
जिले का मुख्य कार्यक्रम शीतयोग इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, जसोइया मोड़, औरंगाबाद में अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा अपर समाहर्ता का तिलक लगाकर पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। इसके उपरांत महाविद्यालय के सचिव डॉ. राजेश कुमार सिंह द्वारा छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार नशामुक्ति विषयक पेंटिंग, मॉडल एवं विभिन्न परियोजनाओं का अवलोकन कराया गया। अपर समाहर्ता ने छात्र-छात्राओं की रचनात्मक प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में जन-जागरूकता फैलाने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध होंगे।
मुख्य कार्यक्रम स्थल पर वरीय उप समाहर्ता रितेश कुमार यादव द्वारा अपर समाहर्ता को पौधा भेंटकर स्वागत किया गया। वहीं महाविद्यालय के सचिव द्वारा मुख्य अतिथि एवं उपस्थित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारियों का श्रीफल, पौधा एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
तत्पश्चात अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, महाविद्यालय के अध्यक्ष कुमार योगेंद्र नारायण सिंह, वरीय उप समाहर्ता श्वेता प्रियदर्शी तथा वरीय उप समाहर्ता रितेश कुमार यादव द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया।
अपने स्वागत संबोधन में वरीय उप समाहर्ता श्वेता प्रियदर्शी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, समाज एवं राष्ट्र के भविष्य को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा एवं सकारात्मक सोच ही विकसित भारत की सबसे बड़ी पूंजी है। इसलिए प्रत्येक युवा का यह दायित्व है कि वह स्वयं नशे से दूर रहे तथा अपने आसपास के लोगों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करे।
अपने संबोधन में अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह ने कहा कि आज हम सभी एक ऐसे विषय पर एकत्रित हुए हैं, जो केवल किसी एक व्यक्ति या परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज एवं राष्ट्र के भविष्य से जुड़ा हुआ है। "नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत" अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना है।
उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है तथा देश की सबसे बड़ी शक्ति उसकी युवा आबादी है। आज का युवा विज्ञान, तकनीक, स्टार्टअप, खेल, कला एवं नवाचार सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रहा है। ऐसे में यदि यही युवा नशे की गिरफ्त में आ जाए तो यह केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की क्षति है।
उन्होंने कहा कि नशा कभी भी शक्ति का प्रतीक नहीं होता, बल्कि यह व्यक्ति की सोच, स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार, करियर एवं भविष्य को धीरे-धीरे समाप्त कर देता है। इसकी शुरुआत भले ही जिज्ञासा अथवा साथियों के दबाव में हो, किंतु इसका परिणाम गंभीर बीमारी, आर्थिक संकट, अपराध एवं सामाजिक विघटन के रूप में सामने आता है। उन्होंने विशेष रूप से उपस्थित युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि वर्तमान पीढ़ी तकनीक से जुड़ी, जागरूक एवं परिवर्तन लाने वाली पीढ़ी है। यदि कोई पीढ़ी नशे के विरुद्ध सबसे प्रभावी जनआंदोलन खड़ा कर सकती है तो वह आज का युवा वर्ग है। सोशल मीडिया के माध्यम से सकारात्मक संदेश देना, अपने मित्रों को सही दिशा दिखाना तथा स्वयं नशे से दूर रहना समाज में व्यापक परिवर्तन का आधार बन सकता है। उन्होंने कहा कि "नशा कुछ समय के लिए भ्रमित खुशी दे सकता है, लेकिन जीवन के अनमोल अवसर छीन लेता है।" विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का युवा स्वस्थ, शिक्षित, आत्मविश्वासी एवं नशामुक्त होगा। विकसित भारत केवल आर्थिक प्रगति या आधुनिक तकनीक से नहीं, बल्कि नैतिक, मानसिक एवं शारीरिक रूप से सशक्त नागरिकों से निर्मित होगा।
अंत में उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे स्वयं नशामुक्त रहने के साथ-साथ अपने विद्यालय, महाविद्यालय, गाँव, मोहल्ले एवं समाज को भी नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएँ। कार्यक्रम के दौरान अपर समाहर्ता द्वारा "नशामुक्त युवा–विकसित भारत संकल्प अभियान" के अंतर्गत उपस्थित छात्र-छात्राओं, युवाओं, पदाधिकारियों एवं अन्य प्रतिभागियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। साथ ही सभी को My Bharat Portal पर पंजीकरण कर ऑनलाइन शपथ दिलाई गई तथा ऑनलाइन प्रमाण-पत्र भी प्राप्त कराया गया। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे, दूसरों को भी नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करेंगे तथा एक स्वस्थ, जागरूक एवं विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देंगे।
कार्यक्रम के दौरान माननीय प्रधानमंत्री के "नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत–संकल्प अभियान" के शुभारंभ अवसर पर दिए गए संबोधन का भी सीधा प्रसारण किया गया, जिसे उपस्थित पदाधिकारियों, शिक्षकगण, छात्र-छात्राओं एवं युवाओं ने सामूहिक रूप से सुना।
इस अवसर पर जिला आपदा प्रभारी अंतरा कुमारी, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी कुमार पप्पू राज, उत्पाद अधीक्षक मनोज राय, सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग महेशानंद, जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी ऋतिक आनंद सहित अन्य पदाधिकारी, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

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