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सरस्वती शिशु मंदिर, औरंगाबाद में 37वीं क्षेत्रीय वॉलीबॉल एवं कुश्ती प्रतियोगिता का हुआ भव्य शुभारंभ.

 





मिथिलेश कुमार पाण्डेय व्यूरो चीफ औरंगाबाद।




औरंगाबाद। आज दिनांक 01 अगस्त 2026औ विद्या भारती उत्तर-पूर्व क्षेत्र द्वारा आयोजित 37वीं क्षेत्रीय वॉलीबॉल एवं कुश्ती प्रतियोगिता-2026 का भव्य शुभारंभ शनिवार को सरस्वती शिशु मंदिर (उच्च माध्यमिक विद्यालय), औरंगाबाद के प्रांगण में उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। दो दिवसीय इस प्रतियोगिता में उत्तर-पूर्व क्षेत्र के विभिन्न प्रांतों से आए खिलाड़ी वॉलीबॉल एवं कुश्ती प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।उद्घाटन समारोह का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन से हुआ। तत्पश्चात भैया-बहनों द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम में जिला खेल पदाधिकारी श्वेता प्रियदर्शी, प्रदेश सचिव  प्रदीप कुमार कुशवाहा, पुलिस उपाधीक्षक विनोद कुमार सिंह,विद्यालय के प्रधानाचार्य नीरज कुमार कौशिक,विद्यालय सचिव बजरंगी प्रसाद,कोषाध्यक्ष डॉ. संजीव रंजन , विभाग प्रमुख धरणीकांत पांडेय, शिवपूजन सिंह,बांका जिला खेल पर्यवेक्षक ब्रह्मदेव प्रसाद, खेल संयोजक आलोक चौधरी, कुश्ती निर्णायक विवेक एवं  ऋचा, संरक्षक आचार्य-दीदी जी तथा समस्त मीडिया कर्मी उपस्थित रहे।विद्यालय के प्रधानाचार्य नीरज कुमार कौशिक ने सभी अतिथियों का परिचय कराते हुए अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर उनका स्वागत एवं सम्मान किया।‌ ब्रह्मदेव प्रसाद ने प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए कहा कि एसजीएफआई की 48 विद्यालयों की राष्ट्रीय सूची में विद्या भारती के शिशु मंदिरों का छठा स्थान प्राप्त होना अत्यंत गौरव का विषय है। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि "जो खेलेगा वही खिलेगा।" उन्होंने खेलों को व्यक्तित्व विकास का सशक्त माध्यम बताते हुए सभी खिलाड़ियों से अनुशासन एवं समर्पण के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने का आह्वान किया।मुख्य अतिथि  श्वेता प्रियदर्शी ने अपने संबोधन में कहा कि खिलाड़ियों को अनावश्यक तनाव नहीं लेना चाहिए तथा पूरे उत्साह और खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों को खुलकर खेलने का अवसर दें, जिससे उनका शारीरिक एवं मानसिक विकास बेहतर ढंग से हो सके। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने प्रतियोगिता के शुभारंभ की औपचारिक घोषणा की।पुलिस उपाधीक्षक विनोद कुमार सिंह ने कहा कि इस आयोजन में उपस्थित होकर वे स्वयं को सौभाग्यशाली अनुभव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का उत्कृष्ट कार्य कर रहा है।प्रदेश सचिव प्रदीप कुमार कुशवाहा ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि "स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है।" उन्होंने कहा कि विद्या भारती शिक्षा के साथ-साथ खेल, संस्कार, शारीरिक, मानसिक एवं नैतिक विकास जैसे सभी मूलभूत आयामों को समान महत्व देती है। उन्होंने खिलाड़ियों से अनुशासन, परिश्रम और खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आह्वान किया।कार्यक्रम के दौरान बहन रागिनी ने खिलाड़ियों को खेल शपथ दिलाई तथा बहन चाहत ने "हमें तो राष्ट्र के मंदिर का पुनर्निर्माण करना है" शीर्षक से प्रेरणादायी एकल गीत प्रस्तुत कर उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रभाव से ओत-प्रोत कर दिया।

अंत में खेल संयोजक आलोक चौधरी ने प्रतियोगिता के नियमों एवं व्यवस्थाओं की जानकारी दी। विद्यालय के अनुभवी खेल आचार्य एवं वरिष्ठ आचार्य राकेश कुमार पांडेय ने पूरे उद्घाटन समारोह का मंच संचालन अत्यंत कुशलता, प्रभावशीलता एवं गरिमापूर्ण ढंग से किया।



उद्घाटन समारोह के उपरांत विभिन्न वर्गों की वॉलीबॉल एवं कुश्ती प्रतियोगिताएँ प्रारंभ हुईं। पूरे विद्यालय परिसर में खेल भावना, अनुशासन, उत्साह एवं राष्ट्रभक्ति का वातावरण देखने को मिला। यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास तथा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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