रोहतास ब्यूरो अंगद ज़ी पाठक रिपोर्ट ।
गढ़वा झारखण्ड :-यह अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के सपनों, अधिकारों और सामर्थ्य को नई दिशा देने का सशक्त संकल्प है। लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं की 33% भागीदारी सुनिश्चित होने से नीति-निर्माण अब और अधिक समावेशी, संवेदनशील और प्रभावी बनेगा।
स्थानीय निकायों में महिला नेतृत्व ने जिस तरह परिवर्तन की मिसाल पेश की है, उसी तरह अब संसद और विधानसभाओं में भी शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और विकास से जुड़े विषयों पर नारी शक्ति का सशक्त दृष्टिकोण देखने को मिलेगा।
उज्ज्वला योजना से लेकर जल जीवन मिशन तक, और ‘लखपति दीदी’ से ‘नमो ड्रोन दीदी’ जैसी पहलों के माध्यम से आज देश की बेटियाँ आत्मनिर्भर, सशक्त और तकनीक-सक्षम बन रही हैं। ‘विकसित भारत 2047’ का मार्ग अब नारी शक्ति के नेतृत्व में और अधिक तेज़ी से प्रशस्त होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का हृदय से आभार, जिन्होंने महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाने का कार्य किया है।

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