गढ़वा ब्यूरो चीफ डॉ श्रवण कुमार की रिपोर्ट।
एटीएच न्यूज़ 11:- गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत हरिहरपुर ओपी क्षेत्र चौबे मझिगावां गांव के सखुईया खाला में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा वाचक डॉ. धनंजय त्रिपाठी ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन करते हुए पूतना वध एवं कृष्ण-बलराम के नामकरण संस्कार की कथा सुनाई। कथा श्रवण कर उपस्थित श्रद्धालु भक्तिभाव में डूब गए। कथा वाचक ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने बाल्यकाल से ही अधर्म और दुष्ट शक्तियों का विनाश करना प्रारंभ कर दिया था। उन्होंने पूतना वध प्रसंग का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि कंस के आदेश पर राक्षसी पूतना बालक कृष्ण को विषपान कराकर मारने के उद्देश्य से गोकुल पहुंची थी। उसने सुंदर स्त्री का रूप धारण कर माता यशोदा को भ्रमित किया और बालक कृष्ण को गोद में लेकर विष लगे स्तनों से दूध पिलाने लगी। किंतु सर्वशक्तिमान श्रीकृष्ण ने उसका दूध ही नहीं बल्कि उसके प्राण भी हर लिए। पूतना को मोक्ष प्राप्त हुआ। कथा वाचक ने कहा कि भगवान केवल दुष्टों का संहार ही नहीं करते, बल्कि उन्हें भी अपने चरणों में स्थान देकर उद्धार करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कृष्ण और बलराम के नामकरण संस्कार का भी वर्णन किया। उन्होंने बताया कि महर्षि गर्गाचार्य ने नंद बाबा के घर पहुंचकर गुप्त रूप से दोनों बालकों का नामकरण किया था। रोहिणी पुत्र का नाम बलराम रखा गया, जबकि नंद-यशोदा के लाल का नाम कृष्ण रखा गया। कथा के दौरान पूरा पंडाल “राधे-कृष्ण” के जयघोष से गूंज उठा।
मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर कथा का रसपान किया।

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