मिथिलेश कुमार पाण्डेय व्यूरो चीफ औरंगाबाद।
औरंगाबाद। आज दिनांक 14 सितंबर 2026 को जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा द्वारा औरंगाबाद प्रखंड अंतर्गत जम्होर में आगामी पितृपक्ष मेला की तैयारियों के मद्देनजर विभिन्न पिंडदान स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। पितृपक्ष मेला का आयोजन दिनांक 25 सितंबर 2026 से 10 अक्टूबर 2026 तक प्रस्तावित है। निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी द्वारा मेला अवधि में श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जाने वाली मूलभूत सुविधाओं एवं आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।जिला पदाधिकारी द्वारा जम्होर घाट के समीप धर्मशाला, विष्णु धाम मंदिर के समीप तथा सीरिस स्थित पिंडदान स्थलों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मेला अवधि में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाएं। सभी पिंडदान स्थलों पर साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश संबंधित नगर कार्यपालक पदाधिकारी को दिया गया।
जिला पदाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि मेला अवधि के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी स्थलों पर नियमित रूप से साफ-सफाई कराई जाए तथा पर्याप्त संख्या में प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, आवश्यकतानुसार अन्य नागरिक सुविधाओं की भी उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।पिंडदान स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) को तीनों स्थलों पर पर्याप्त संख्या में पानी के टैंकर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। पेयजल की उपलब्धता की नियमित निगरानी करने तथा आवश्यकता के अनुरूप अतिरिक्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया।मेला के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुचारू आवागमन को ध्यान में रखते हुए जिला पदाधिकारी द्वारा सदर अनुमंडल पदाधिकारी को तीनों पिंडदान स्थलों पर आवश्यकतानुसार दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, भीड़ प्रबंधन एवं विधि-व्यवस्था से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियां पूर्व से पूर्ण करने को कहा गया।जिला पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि पितृपक्ष मेला प्रारंभ होने से पूर्व सभी आवश्यक तैयारियों को पूरा कर लिया जाए तथा मेला अवधि के दौरान व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी की जाए, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम वातावरण में पिंडदान की सुविधा उपलब्ध हो सके।
निरीक्षण के दौरान सदर अनुमंडल पदाधिकारी गौरव सिंह, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी कुमार पप्पू राज सहित मंदिर समिति के सदस्य एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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