झारखंड गढ़वा ब्यूरो चीफ डॉ श्रवण कुमार की रिपोर्ट।
एटीएच न्यूज़ 11:- गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत मां सतबहिनी झरना तीर्थ एवं पर्यटन स्थल विकास समिति के विशिष्ट स्थाई सदस्य योगेंद्र द्विवेदी के निधन को लेकर समिति के पदाधिकारी एवं सदस्यों ने गहरा शोक प्रकट किया है। दिवंगत सदस्य सतबहिनी झरना तीर्थ के विकास में सदैव सक्रिय भूमिका निभाते थे। आज अचानक उनका गुजर जाना समिति के लिए असहनीय पीड़ा हो गई है। शुक्रवार को सतबहिनी विकास समिति के कार्यालय प्रांगण में एक शोक सभा का आयोजन किया गया। समिति के अध्यक्ष एवं विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक नरेश प्रसाद सिंह ने शोक सभा की अध्यक्षता की। इस मौके पर सभी उपस्थित सदस्यों ने 2 मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिजनों को इस अपार दुख को सहन करने के लिए शक्ति देने की प्रार्थना की। इस मौके पर अध्यक्ष सह विधायक नरेश सिंह ने कहा कि कर्मठ सदस्यों एवं क्षेत्र की श्रद्धालु आम जनता के योगदान से ही सतबहिनी झरना एक उत्कृष्ट तीर्थ स्थल का स्वरूप ग्रहण किया है। ऐसे में किसी सक्रिय विशिष्ट सदस्य का गुजर जाना अपार दुख दे जाता है। उन्होंने कहा कि आना और जाना इस संसार का सबसे बड़ा सत्य है। इसे कोई झुठला नहीं सकता। बावजूद इसके किसी अपने का आकस्मिक निधन हृदय को विदीर्ण कर जाता है। फिर भी हमें उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व से प्रेरणा लेते हुए इस स्थल के विकास के लिए तन मन धन से प्रयास करना चाहिए। समिति के सचिव ज्योतिर्विद पंडित मुरलीधर मिश्र ने कहा कि योगेंद्र द्विवेदी के साथ-साथ गाड़ा खुर्द के सम्मानित सदस्यों का इस स्थल के विकास एवं यहां आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में विशेष योगदान रहा है। ऐसे में एक कर्मठ सदस्य का आकस्मिक निधन इस स्थल के लिए अपूरणीय क्षति है। जिसकी कभी भर पाई नहीं हो सकती। बावजूद इसके आना-जाना ही शाश्वत सत्य है। हमें अपने कर्तव्य पथ पर अटल रहकर अपना सर्वोच्च योगदान देना चाहिए।
उनके निधन से हम सभी स्तब्ध हैं। वे एक नेक, सरल और समाजसेवी व्यक्ति थे। माँ सतबहिनी झरना तीर्थ एवं पर्यटन स्थल के विकास में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोक संतप्त परिवार को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें। इस मौके पर काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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