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रिश्वत लेने के आरोप में इमामगंज के जूनियर इंजीनियर सस्पेंड, चार अन्य पर विभागीय जाँच ।





संपादक डॉ मदन मोहन मिश्र की रिपोर्ट।



ATH NEWS 11 GROUP :-गयाजी बिहार में भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के खिलाफ गया जिला प्रशासन ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। जिला पदाधिकारी जनपद पदाधिकारी शशांक शुभंकर की अनुशंसा पर बिहार राज्य विद्युत विभाग पटना ने इमामगंज प्रखंड के विद्युत आपूर्ति शाखा के कनीय अभियंता (जेई) सचिन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन की अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विद्युत आंचल, भागलपुर तय किया गया है। इसके साथ ही इस अवैध वसूली मामले में संलिप्त एक सहायक अभियंता, लेखापाल, सुपरवाइजर और मानव बल समेत चार अन्य कर्मियों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

​क्या है पूरा मामला:-

यह पूरा मामला इमामगंज प्रखंड के मंझौली ग्राम का है, जहां के निवासी उमेश साव ने अपनी आइस फैक्ट्री में बिजली विभाग की टीम द्वारा की गई जांच के खिलाफ डीएम से शिकायत की थी। बिजली विभाग की टीम ने उमेश साव पर टोका फंसाकर मशीन चलाने का आरोप लगाया था, जिसे शिकायतकर्ता ने पूरी तरह निराधार बताया था। पीड़ित का आरोप था कि मामले को रफा-दफा करने के एवज में जेई सचिन कुमार द्वारा मोटी रकम की मांग की जा रही थी।

​जांच में खुली पोल UPI से ट्रांसफर हुए थे पैसे मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम शशांक शुभंकर ने जून 2026 में अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) शेरघाटी को विस्तृत जांच का जिम्मा सौंपा था। जांच रिपोर्ट में बिजली विभाग के दावों की हवा निकल गई, क्योंकि विभाग फैक्ट्री में टोका फंसाकर बिजली चोरी का कोई ठोस सबूत नहीं दे सका। ​इसके उलट जांच में यह साबित हो गया कि कनीय अभियंता सचिन कुमार ने अपने विभाग के लेखापाल (अकाउंटेंट) रंजीत कुमार के बैंक खाते में यूपीआई (UPI) के जरिए ₹20,000 की रिश्वत ली थी। इसके अलावा शिकायतकर्ता ने ₹50,000 नकद (कैश) भी अवैध रूप से दिए जाने का बयान दर्ज कराया। जांच में संबंधित लाइनमैन की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई, जिसके खिलाफ पहले ही प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जा चुकी है। ​इन अधिकारियों और कर्मियों पर भी होगी कार्रवाई एसडीओ शेरघाटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखकर कनीय अभियंता के निलंबन की अनुशंसा की थी, जिस पर विभाग ने मुहर लगा दी है। इसके अलावा इस घूसकांड में शामिल अन्य अधिकारियों और कर्मियों पर भी विधिसम्मत विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है, जिनमें शामिल हैं:

​राजीव झा सहायक अभियंता

​रंजीत कुमार (लेखापाल)

​ विक्रम सिंह (सुपरवाइजर)

​ संजय पासवान (मानव बल)

​डीएम का कड़ा संदेश:-

जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने स्पष्ट रूप से कहा है कि सरकारी कार्यों में भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और पद के दुरुपयोग को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जीरो टॉलरेंस नीति के तहत दोषी पाए जाने वाले हर छोटे-बड़े पदाधिकारी और कर्मी पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि आम जनता का भरोसा शासन-प्रशासन पर बना रहे।

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