झारखंड गढ़वा ब्यूरो चीफ डॉ श्रवण कुमार की रिपोर्ट।
एटीएच न्यूज़ 11:- गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड मुख्यालय स्थित यूनियन बैंक की शाखा तीन दिनों तक बंद रही। इस दौरान इस के ग्राहकों को भारी बीमारी जैसी इमरजेंसी में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। मीडिया के हस्तक्षेप के बाद बुधवार को दोपहर 3:00 बजे के बाद बैंक शाखा खुली। प्रखंड मुख्यालय कांडी स्थित यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया की शाखा में सोमवार से लेकर बुधवार तक ताला लटकता रहा। इस दौरान इस शाखा से जुड़े हुए 9000 ग्राहकों को अपने परिजनों के इलाज एवं आवश्यक खरीदारी में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। वह बैंक शाखा के पास आकर दिन में कई कई बार चक्कर लगाते हुए निराश होकर लौटते रहे। सबसे बड़ी बात है कि बैंक शाखा के बाहर किसी तरह की सूचना लिखकर नहीं लगाई हुई थी कि आखिर किस कारण से यह बैंक बंद है और कब खुलेगा। इस स्थिति में ग्राहकों को बैंक शाखा के पास आकर चक्कर लगाने के सिवा कोई रास्ता नहीं बचा था। सामान्य तौर पर होता यह है कि किसी कारण से बैंक के ताला चाबी वाले अधिकारी को अनुपस्थित होना पड़े तो उसकी जगह पर रिलीवर को यह ड्यूटी दी जाती है कि वह बैंक खोलें। ताकि ग्राहकों के जमा निकासी पर कोई असर नहीं पड़े। जिला के प्रधान कार्यालय में इस तरह के अधिकारी एवं कर्मचारियों की पोस्टिंग होती है। जो रिलीवर की ड्यूटी में किसी भी शाखा में जाकर कार्य कर सकें। हालांकि प्रखंड मुख्यालय कांडी के बैंकों की यह पुरानी बीमारी है कि वह मनमाने ढंग से खुलते एवं बंद होते हैं और इसका कारण तकनीकी खराबी बता दिया जाता है। ऐसा कारनामा पहले भी देखने में आया है। बुधवार को कुछ लोगों ने मीडिया से संपर्क करके इस बात की जानकारी दी। इसके साथ ही बुधवार को दोपहर 2:57 पर जीपीएस के माध्यम से लिए गए फोटो में बैंक शाखा का शटर बंद दिखाया गया। इसकी सूचना गढ़वा जिला के अग्रणी बैंक प्रबंधक सत्यदेव प्रसाद को दी गई। एटीएच न्यूज़ 11 ने भी यूनियन बैंक के प्रधान कार्यालय के अधिकारी नीरज कंधवे को दी। उन्होंने बताया कि यूनियन बैंक की कांडी शाखा के शाखा प्रबंधक संजय कुमार सोमवार को अचानक गिरकर बेहोश हो गए थे। जिससे उन्हें इलाज के लिए बाहर जाना पड़ा। तभी से वह रांची स्थित निजी नर्सिंग होम में एडमिट हैं। बैंक के प्रधान कार्यालय के अधिकारी नीरज कंधवे ने गढ़वा जिला शाखा से संपर्क करके उस शाखा के अधिकारी रंजीत बरनवाल को कांडी ब्रांच खोलने का आदेश दिया। उसके बाद उन्होंने कांडी के लिए प्रस्थान किया। दोपहर 3:00 बजे के बाद उन्होंने यूनियन बैंक की कांडी शाखा का ताला खोला। हालांकि देर से बैंक खुलने के कारण अधिकांश ग्राहकों को इसकी जानकारी नहीं हो पाई। परिणाम स्वरूप वे अपना जरूरी काम बुधवार को भी नहीं कर सके। इस संबंध में कांडी पंचायत के पूर्व मुखिया विनोद प्रसाद ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि किसी भी हाल में बैंक, डाकघर इत्यादि की शाखाओं को बंद नहीं होना चाहिए। अभी तक सामान्य लोगों को यही जानकारी है कि बैंक, पोस्ट ऑफिस, रेलवे आदि कभी बंद नहीं होता। जब उनकी शाखा इस तरह बंद होने लगेगी तो अपने खून पसीने की कमाई सुरक्षा के दृष्टिकोण से बैंकों में रखना लोग छोड़ देंगे। आखिर बैंक में पैसा पड़ा रहा। इलाज के बिना मरीज की मौत हो गई तो फिर उस जमा राशि को रखने से क्या फायदा हुआ। उन्होंने कहा कि अब से सुनिश्चित कराया जाए की किसी भी हाल में बैंक शाखाओं में ताला नहीं लटकेगा। अगर एक अधिकारी या कर्मचारी की तबीयत खराब है तो उसका प्रभाव दूसरे अधिकारी को दिया जाना चाहिए। ताकि ग्राहकों का जरूरी काम बाधित नहीं हो सकें वहीं खाता धारक राजदेव मेहता ने बताया कि इस बैंक में एक महिने से दौड़ाया जा रहा फिर भी हमरा काम नहीं हो रहा कहा जाता है कि बैंक में स्टाफ कम जिसके कारण नहीं हो पा रहा है आज और कल कर देंगे का सिर्फ आश्वासन दिया जाता है।

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