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मनोरमा जनजागृति यात्रा को ऐतिहासिक बनाने हेतु गांव-गांव व्यापक जनसंपर्क अभियान तेज.

 


संजय कुमार चौरसिया ब्यूरो रिपोर्ट बस्ती.


बस्ती, -  मनोरमा नदी को स्वच्छ एवं अतिक्रमण मुक्त बनाने के उद्देश्य से आगामी 15 जून दिन सोमवार को प्रस्तावित "मनोरमा जनजागृति मोटरसाइकिल यात्रा" को ऐतिहासिक बनाने के लिए वरिष्ठ भाजपा नेता एवं समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय 'सुदामा जी' द्वारा व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। यात्रा की सफलता हेतु श्री पाण्डेय लगातार गांव-गांव जाकर किसानों, नौजवानों, बुद्धिजीवियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं से संपर्क कर उन्हें जल संरक्षण एवं नदी स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रहे हैं।

श्री पाण्डेय ने कहा कि डीजल, पेट्रोल एवं रसोई गैस जैसी आवश्यक वस्तुओं के विकल्प उपलब्ध हैं, किन्तु जल का कोई विकल्प नहीं है। यदि समाज स्वच्छ जल से वंचित हो गया तो जनजीवन संकट में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि पानी के बिना जीवन की कल्पना भी संभव नहीं है, इसलिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह नदियों एवं जलाशयों में कूड़ा-कचरा अथवा अन्य अपशिष्ट पदार्थ न डाले तथा जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को उनके कर्तव्यों के प्रति जागरूक करते हुए जलस्रोतों की सुरक्षा के लिए आवाज उठाए।

उन्होंने कहा कि लगभग 125 किलोमीटर लंबी मनोरमा नदी की स्थायी सफाई केवल जनसहयोग से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए सरकारी मशीनरी एवं प्रशासनिक इच्छाशक्ति भी आवश्यक है। आंशिक रूप से साफ किए गए स्थानों पर कुछ ही दिनों में ऊपर से बहकर आने वाला मलबा पुनः जमा हो जाता है, जिससे सफाई अभियान का प्रभाव समाप्त हो जाता है।

ज्ञातव्य है कि श्री पाण्डेय पिछले लगभग डेढ़ दशक से मनोरमा नदी की सफाई एवं संरक्षण के लिए संघर्षरत हैं। उन्होंने इस अवधि में ज्ञापन, धरना-प्रदर्शन, जनजागरण अभियान तथा कानूनी लड़ाई के माध्यम से लगातार आवाज उठाई है। इतना ही नहीं, मखौड़ा धाम एवं पंडूलघाट क्षेत्र के युवाओं के सहयोग से 18 दिनों तक चले श्रमदान अभियान में लगभग 1500 कुंतल से अधिक मलबा हटाकर करीब दो किलोमीटर नदी की सफाई भी कराई गई।

इसके बावजूद जिला प्रशासन से अपेक्षित सहयोग न मिलने पर उन्हें धरना एवं भूख हड़ताल का भी सहारा लेना पड़ा। आंदोलन के दौरान प्रशासन द्वारा 9 अप्रैल 2026 को मनोरमा सफाई कार्य प्रारंभ कराने तथा 7 मई 2026 को एक माह के भीतर अतिक्रमण हटाने का आश्वासन दिया गया था, किन्तु अब तक धरातल पर कोई उल्लेखनीय प्रगति दिखाई नहीं दे रही है।

ऐसी परिस्थितियों में मखौड़ा धाम से जिलाधिकारी कार्यालय बस्ती तक प्रस्तावित मनोरमा जनजागृति यात्रा को नदी संरक्षण के लिए जनचेतना का एक बड़ा अभियान माना जा रहा है। अब जनपदवासियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि श्री पाण्डेय के इस अभियान को कितना जनसमर्थन प्राप्त होता है तथा प्रशासन अपने आश्वासनों के अनुरूप मनोरमा सहित अन्य जलाशयों को स्वच्छ एवं अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए कब और कितनी प्रभावी कार्रवाई करता है।

"स्वच्छ जलाशय – स्वस्थ समाज, दूषित जलाशय – कुपोषित समाज" के संदेश के साथ आयोजित होने वाली इस यात्रा में क्षेत्र के किसानों, युवाओं, सामाजिक संगठनों एवं पर्यावरण प्रेमियों से अधिकाधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई है।

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