महराजगंज:-बृजमनगंज में मंगलवार रात पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए, जब स्टेशन रोड पर एक घायल युवक लंबे समय तक खून से लथपथ हालत में सड़क किनारे तड़पता रहा और मदद के इंतजार में दर्द से कराहता रहा। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी गई और पुलिस की रात्रि गश्त व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना रात करीब 10:30 बजे की है। स्टेशन रोड पर एक युवक गंभीर रूप से घायल अवस्था में सड़क किनारे पड़ा हुआ था। उसके सिर, हाथ और पैर में गंभीर चोटें थीं और वह दर्द से तड़प रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि घटनास्थल थाना क्षेत्र से महज लगभग 500 मीटर की दूरी पर था, इसके बावजूद पुलिस समय पर मौके पर नहीं पहुंची।
राहगीरों ने तुरंत मामले की सूचना थाना पुलिस और कोबरा टीम को दी। लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद काफी देर तक कोई जिम्मेदार पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। इतना ही नहीं, स्थानीय लोगों ने दावा किया कि पीआरबी टीम घटनास्थल पर पहुंची जरूर, लेकिन घायल युवक को वहीं छोड़कर वापस चली गई, जिससे लोगों में आक्रोश और बढ़ गया।
स्थिति गंभीर होती देख स्थानीय नागरिकों ने 108 और 112 आपातकालीन सेवाओं को फोन किया। लोगों के अनुसार 108 एम्बुलेंस सेवा कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच गई। एम्बुलेंस कर्मियों ने राहगीरों की मदद से घायल युवक को वाहन में बैठाया और उपचार के लिए अस्पताल रवाना किया। इसी दौरान बाद में 112 टीम और कोबरा टीम के पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंचे।
घायल युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बृजमनगंज भेजा गया, जहां उसका उपचार किया गया। मौके पर मौजूद राहगीर इंद्रसेन यादव, सूरज तथा अन्य लोगों ने बताया कि युवक की हालत काफी गंभीर थी और कई बार थाने पर फोन करने के बावजूद मदद पहुंचने में देरी हुई। लोगों का कहना है कि रात्रि गश्त पर मौजूद होमगार्ड ने भी थाने को सूचना दी थी, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई में लापरवाही दिखाई गई।
घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि जब थाना इतनी कम दूरी पर था, तब घायल युवक को सड़क पर तड़पता क्यों छोड़ दिया गया। लोगों ने रात्रि गश्त व्यवस्था को मजबूत करने और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
प्रभारी महराजगंज
कैलाश सिंह.


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