मिथिलेश कुमार पाण्डेय व्यूरो चीफ औरंगाबाद।
औरंगाबाद।08/09/2026 आगामी 12 सितम्बर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल एवं प्रभावी बनाने तथा अधिकाधिक मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन कुमार द्वारा व्यवहार न्यायालय परिसर में प्रेस वार्ता/संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता में उन्होंने राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों, चिह्नित मामलों, पक्षकारों को जारी नोटिस, विभिन्न पीठों के गठन तथा आमजन को जागरूक करने के लिए चलाए जा रहे व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान के संबंध में मीडिया प्रतिनिधियों को विस्तृत जानकारी दी।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन कुमार ने बताया कि 12 सितम्बर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और आयोजन से संबंधित आवश्यक कार्य अंतिम चरण में है। विभिन्न प्रकार के मामलों के निष्पादन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों की सुनवाई के लिए गठित की जाने वाली विभिन्न पीठों (Benches) से संबंधित विस्तृत विवरण उपलब्ध करा दिया जाएगा। जिससे संबंधित पक्षकारों को अपने मामलों के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त हो सके।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बताया कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए न्यायालयों में लंबित लगभग 3,200 मामलों को चिह्नित किया गया है। इन मामलों के पक्षकारों को राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से अपने मामलों के निष्पादन का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से 6,000 से अधिक नोटिस जारी किए गए हैं।उन्होंने बताया कि न्यायालयों में लंबित चिह्नित मामलों में से लगभग 500 मामलों के निष्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। संबंधित न्यायिक पदाधिकारियों एवं अन्य संबंधित पक्षों के साथ समन्वय स्थापित कर इन मामलों के अधिकाधिक निष्पादन की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राजीव रंजन कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में केवल न्यायालयों में लंबित मामलों के निष्पादन पर ही नहीं, बल्कि वादपूर्व (Pre-Litigation) मामलों के निस्तारण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इस क्रम में लगभग 5,000 वादपूर्व मामलों को चिह्नित किया गया है तथा संबंधित पक्षकारों को राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में जानकारी देने एवं उन्हें समझौते के माध्यम से विवाद के समाधान का अवसर प्रदान करने के लिए लगभग 4970 नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि चिह्नित वादपूर्व मामलों में से लगभग 1,500 मामलों के निष्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। संबंधित विभागों, संस्थानों एवं पदाधिकारियों के साथ समन्वय कर इन मामलों के अधिकाधिक निस्तारण का प्रयास किया जा रहा है।
यातायात चालान मामलों के लिए विशेष पीठ का गठन..
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बताया कि यातायात चालान से संबंधित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत में विशेष पीठ का गठन किया गया है। इसका उद्देश्य यातायात चालान से संबंधित मामलों के पक्षकारों को सुगम एवं त्वरित तरीके से अपने मामलों का निस्तारण कराने की सुविधा उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से ऐसे मामलों का निस्तारण होने से पक्षकारों को अनावश्यक रूप से न्यायालय की लंबी प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी और वे आपसी सहमति एवं विधि सम्मत प्रक्रिया के माध्यम से अपने मामलों का समाधान करा सकेंगे।
राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों के संबंध में राजीव रंजन कुमार ने बताया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर संबंधित पदाधिकारियों एवं हितधारकों के साथ लगातार बैठकें आयोजित की गई हैं।
इन बैठकों में अधिकाधिक मामलों की पहचान, पक्षकारों को समय पर नोटिस उपलब्ध कराने, समझौते की संभावनाओं वाले मामलों की पहचान, संबंधित विभागों के साथ समन्वय तथा राष्ट्रीय लोक अदालत के दिन मामलों के सुचारू निष्पादन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए न्यायिक पदाधिकारियों के साथ-साथ संबंधित विभागों, बैंकिंग संस्थानों एवं अन्य हितधारकों का सहयोग भी महत्वपूर्ण है। सभी स्तरों पर बेहतर समन्वय स्थापित कर राष्ट्रीय लोक अदालत को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा जागरूकता अभियान..
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में आम लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जा रहा है। लोगों तक राष्ट्रीय लोक अदालत की जानकारी पहुंचाने के लिए परंपरागत माध्यमों के साथ-साथ आधुनिक संचार माध्यमों का भी प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके लिए सोशल मीडिया एवं प्रिंट मीडिया के माध्यम से लगातार प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त आम लोगों तक सीधे जानकारी पहुंचाने के उद्देश्य से सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली का भी उपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में अधिकाधिक लोगों को जानकारी उपलब्ध कराना जिला विधिक सेवा प्राधिकार एवं न्यायिक प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है, ताकि पात्र एवं संबंधित पक्षकार इस अवसर का अधिकतम लाभ उठा सकें।
त्वरित, सस्ता एवं सुलभ न्याय का महत्वपूर्ण माध्यम है लोक अदालत राजीव रंजन कुमार ने कहा कि लोक अदालत त्वरित, सस्ता एवं सुलभ न्याय प्राप्त करने का प्रभावी माध्यम है। लोक अदालत में पक्षकारों के बीच आपसी सहमति एवं समझौते के आधार पर विवादों का समाधान कराया जाता है। इससे पक्षकारों के समय एवं धन की बचत होती है और न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या को कम करने में भी सहायता मिलती है।
उन्होंने कहा कि लोक अदालत का उद्देश्य केवल मामलों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि विवादों का सौहार्दपूर्ण एवं स्थायी समाधान उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने पक्षकारों से अपील की कि वे राष्ट्रीय लोक अदालत में अपने मामलों के निस्तारण के लिए आगे आएं और आपसी सहमति से विवादों का समाधान कराने का अवसर प्राप्त करें। जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा लगातार किए जा रहे प्रयास.
प्रेस वार्ता के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल भी उपस्थित थीं। उन्होंने राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों एवं जागरूकता अभियान के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए लगातार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि अधिकाधिक पक्षकारों को राष्ट्रीय लोक अदालत के लाभ एवं मामलों के निष्पादन की प्रक्रिया से अवगत कराने के लिए व्यापक जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जा रहा है। संबंधित पक्षकारों तक नोटिस पहुंचाने तथा उन्हें राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित होकर अपने मामलों का समाधान कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
सचिव तान्या पटेल ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए विभिन्न विभागों एवं संबंधित पदाधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है। साथ ही, आम नागरिकों को यह जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है कि लोक अदालत के माध्यम से सुलहनीय एवं समझौते योग्य मामलों का त्वरित एवं शांतिपूर्ण समाधान कराया जा सकता है। मीडिया से भी सहयोग की अपील प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन कुमार ने प्रेस वार्ता के माध्यम से मीडिया प्रतिनिधियों से राष्ट्रीय लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से राष्ट्रीय लोक अदालत से संबंधित जानकारी जिले के अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाई जा सकती है, जिससे बड़ी संख्या में पक्षकार इस अवसर का लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने आम नागरिकों एवं संबंधित पक्षकारों से भी अपील की कि 12 सितम्बर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिकाधिक संख्या में भाग लेकर अपने मामलों का आपसी सहमति एवं समझौते के माध्यम से निस्तारण कराने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान न केवल पक्षकारों को शीघ्र राहत प्रदान करता है, बल्कि समाज में आपसी सद्भाव, विश्वास एवं शांतिपूर्ण वातावरण को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस प्रकार, 12 सितम्बर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार एवं न्यायिक प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी की जा रही हैं तथा लंबित एवं वादपूर्व मामलों के अधिकाधिक निष्पादन के लिए सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास जारी हैं।

Post a Comment