मिथिलेश कुमार पाण्डेय व्यूरो चीफ औरंगाबाद।
औरंगाबाद। आज दिनांक 05/09/2026 शिक्षक संघ के प्रदेश इकाई के आह्वान पर दोपहर 2:00 बजे स्थानीय दानी बीघा धरना स्थल पर जिले के शिक्षकों ने शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक सत्याग्रह आंदोलन किया। अध्यक्षता जिला अध्यक्ष रमेश कुमार सिंह एवं संचालन उपाध्यक्ष संतोष सिंह ने किया।
शिक्षक नेता अशोक पांडेय, प्रदेश सचिव धनंजय सिंह, उपाध्यक्ष संतोष सिंह, उदय कुमार ने संयुक्त रूप से कहा कि सूबे के शिक्षक विभाग के मनमानी से त्रस्त व परेशान है। जिसे निदान करने में सरकार बिल्कुल विफल है। नियमावली में निहित प्रोन्नति के लाभ से वंचित एवं वहीं वेतन विसंगति दुर नहीं कर पा रहे हैं। सरल स्थानांतरण नीति नहीं होने से शिक्षक परेशान हैं। शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार घुसखोरी चरम पर है।
न्यायालय के अधिकतर आदेश को लागू करने के बजाय शिक्षकों के हित के विरुद्ध न्यायिक लडा़ई में उलझाना विभाग का ऐसा मनोदशा बन गया है। विभिन्न कोटि के शिक्षकों का वेतन विसंगति दुर करने एवं वेतन संरक्षण के लाभ देने का कार्य लंबित है। सूबे में शिक्षा व्यवस्था एवं शिक्षक समस्याग्रस्त है। जिसका समुचित निदान करने में सरकार एवं विभाग पूर्णरूपेण असफल है। ऐसी परिस्थिति में शिक्षकों को शिक्षक दिवस पर सिर्फ सम्मानित कर देने से शिक्षा जगत में कोई बड़ा बदलाव संभव नहीं है। शिक्षकों को समस्या से निजात दिलाने एवं शिक्षा व्यवस्था में सुधार हेतु विभाग को भ्रष्टाचारमुक्त करने के लिए 05 सितंबर 2026 को राज्य के सभी जिला मुख्यालय में शिक्षक दिवस पर शिक्षक सत्याग्रह कर आंदोलन का शंखनाद किया। इसके उपरांत 15 सूत्री मांग पत्र अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, और जिला शिक्षा पदाधिकारी दयाशंकर कुमार सिंह को सौंपा गया।
डॉ चंद्रदीप राम, रौशन कुमार सिंह, शशि रजक, सुबोध सुमन, रौशन कुमार, श्रवण कुमार सिंह, सुनील कुमार, अवनीश कुमार, अजय कुमार, प्रमोद सिंह, अनिल कुमार, सुधीर कुमार सिंह सहित दर्जनो शिक्षक उपस्थित थे।
**मांग पत्र शिक्षक को सप्तम वेतनमान दिया जाए**
राज्य के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की अलग-अलग कोटी अलग-अलग नाम एवं अलग-अलग वेतन संरचना को समाप्त कर एक कोटि एक नाम एवं एक समान वेतन संरचना लागू की जाए। राज्य के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए शिक्षकों को पूर्णती दिया जाए। विभिन्न प्रकार के शिक्षकों को चिकित्सा अवकाश का लाभ सुनिश्चित किया जाए।
सभी कोटि के शिक्षकों के आकस्मिक निधन की स्थिति में उनके आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर शिक्षक पद पर नियुक्त किया जाए। शिक्षकों को मनमानी ढंग से सरप्लस घोषित कर जबरन स्थानांतरित करने की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए।


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