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फर्जी नियुक्ति पत्र बनाकर बेरोजगार युवाओं को बनाते थे शिकार,महिला समेत चार शातिर गिरफ्तार.



महराजगंज। सरकारी और निजी संस्थानों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का महराजगंज पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत निचलौल थाना पुलिस, एसओजी और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में तीन पुरुष और एक महिला शामिल हैं।

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से बेरोजगार युवाओं को अपने जाल में फंसाता था। आरोपी सरकारी विभागों और प्रतिष्ठित निजी कंपनियों में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर युवाओं से मोटी रकम वसूलते थे। विश्वास दिलाने के लिए वे फर्जी ऑफर लेटर, कूटरचित नियुक्ति पत्र और अन्य नकली दस्तावेज तैयार कर पीड़ितों को सौंप देते थे। जब तक युवाओं को ठगी का एहसास होता, तब तक आरोपी रकम लेकर फरार हो चुके होते थे।

पुलिस के अनुसार थाना निचलौल में दर्ज मु0अ0सं0 157/2026 एवं 158/2026 में वांछित चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई थी। सर्विलांस, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को लखनऊ और गोरखपुर के विभिन्न ठिकानों से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने नौकरी के नाम पर ठगी करने की बात स्वीकार की है।

 *गिरफ्तार आरोपी* 

राजचन्द्रा उर्फ अजीत पुत्र संतराज, निवासी कोईली खाल, बड़हलगंज, गोरखपुर।आमोद राठौर, निवासी जानकीपुरम, लखनऊ।कुलदीप पुत्र विजय प्रकाश, निवासी नरेन्द्र नगर, उन्नाव।अराधना कुमारी पत्नी कुलदीप, निवासी नरेन्द्र नगर, उन्नाव (वर्तमान पता दीनदयालपुरम, इंदिरानगर, लखनऊ)।

पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है। साथ ही गिरोह के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए जांच का दायरा बढ़ाया गया है। आरोपियों के बैंक खातों, लेन-देन और संपर्क सूत्रों की पड़ताल की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अब तक कितने युवाओं को इस गिरोह ने ठगी का शिकार बनाया है।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस बड़ी सफलता में निचलौल थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक अंकित सिंह, उपनिरीक्षक संदीप यादव, उपनिरीक्षक बृजेश कुमार सिंह, स्वाट प्रभारी उपनिरीक्षक आशीष कुमार सिंह, एसओजी प्रभारी योगेश कुमार सिंह सहित पूरी पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

"रोजगार के सपनों का सौदागर गैंग सलाखों के पीछे, पुलिस ने खोला करोड़ों की ठगी का राज!"

       प्रभारी महराजगंज 

          कैलाश सिंह.

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