महराजगंज। कोल्हुई क्षेत्र के इलाहावास टोला स्थित लखनपुर गांव में शनिवार को उस वक्त माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब संदिग्ध परिस्थितियों में युवक जितेंद्र मौर्य की मौत का मामला तूल पकड़ गया। परिजनों द्वारा इसे सुनियोजित हत्या बताया जा रहा है, जिसके चलते उन्होंने अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया।
शुक्रवार को जैसे ही जितेंद्र मौर्य का शव गांव पहुंचा, परिजनों में आक्रोश फूट पड़ा। उन्होंने प्रशासन के सामने साफ कहा कि जब तक हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। इस फैसले से प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए शनिवार को एडिशनल एसपी सिद्धार्थ और एसडीएम शैलेन्द्र गौतम मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया, लेकिन परिजन अपनी मांगों पर अडिग रहे।
*पांच थानों की फोर्स तैनात, गांव बना पुलिस छावनी*
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गांव में पांच थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। समाचार लिखे जाने तक परिजनों और प्रशासन के बीच वार्ता जारी थी, लेकिन कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल सका था।
*एक हफ्ते पहले घायल मिला था युवक*
जानकारी के अनुसार, लखनपुर निवासी 27 वर्षीय जितेंद्र मौर्य बीते 3 अप्रैल को बृजमनगंज थाना क्षेत्र के हबीबगढ़ गांव के पास संदिग्ध हालत में घायल पाया गया था। परिजनों ने उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी हालत बिगड़ती चली गई और अंततः उसकी मौत हो गई।
*परिजनों का आरोप—मारपीट कर की गई हत्या*
परिजनों का आरोप है कि जितेंद्र के साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी, जिसके कारण वह गंभीर रूप से घायल हुआ और उसकी जान चली गई। उन्होंने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल गांव में तनाव बना हुआ है। प्रशासन जहां शांति व्यवस्था कायम रखने और अंतिम संस्कार कराने की कोशिश में जुटा है, वहीं परिजन न्याय मिलने तक अपने रुख पर डटे हुए हैं। पूरा मामला अब प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था की बड़ी परीक्षा बन गया है।
प्रभारी महराजगंज
कैलाश सिंह.

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