महराजगंज। यूजीसी रेगुलेशन एक्ट 2026 को वापस लेने, आरक्षण व्यवस्था को आर्थिक आधार पर लागू करने तथा एससी-एसटी एक्ट की पुनर्विवेचना कर ‘एक राष्ट्र-एक कानून’ लागू करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को संयुक्त संघर्ष मोर्चा जनपद महराजगंज की ओर से जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। संगठनों ने मांगों को जनहित और राष्ट्रीय हित से जुड़ा बताते हुए सरकार से शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि वर्तमान व्यवस्था में जातीय वर्गीकरण की खाई बढ़ने से शिक्षा और अवसरों में असमानता की स्थिति पैदा हो रही है। मोर्चा ने यूजीसी रेगुलेशन एक्ट 2026 को वापस लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों के बीच प्रेम, बंधुत्व और पारस्परिक सद्भाव बढ़ाने के उपाय किए जाने की मांग की।
मोर्चा ने आरक्षण व्यवस्था को आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग करते हुए कहा कि इसका लाभ वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचना चाहिए। ओबीसी आरक्षण में क्रीमी लेयर के निर्धारण को लेकर भी ज्ञापन में सवाल उठाए गए। संगठनों ने सरकारी कर्मचारियों के वेतन-भत्ते और अन्य आय के आकलन से जुड़े प्रावधानों में सुधार की मांग करते हुए ओबीसी तथा एससी-एसटी वर्ग में भी क्रीमी लेयर की स्पष्ट व्यवस्था लागू करने की बात कही।
ज्ञापन में एससी-एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग की शिकायतों का हवाला देते हुए कानून की पुनर्विवेचना की मांग की गई। मोर्चा ने सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग के लोगों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए ‘सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग प्रोटेक्शन एक्ट 2026’ लागू किए जाने की मांग भी रखी।
इसके अलावा सामान्य वर्ग के गरीब, वंचित और शोषित लोगों की समस्याओं के समाधान तथा उनके सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक हितों के आकलन के लिए ‘सामान्य वर्ग आयोग’ के गठन की मांग उठाई गई।
ज्ञापन में जिलाध्यक्ष अभय सिंह ने कहा गया कि संगठन की मांगें किसी वर्ग के विरोध में नहीं हैं, बल्कि ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की भावना से समानता और न्याय की स्थापना के उद्देश्य से रखी गई हैं।
इस दौरान संयुक्त संघर्ष मोर्चा से जुड़े सूर्य प्रकाश चतुर्वेदी, रणवीर सिंह, अभिषेक कुमार हर्षा, अभय सिंह, श्रीनाथ धर दुबे, सुशील श्रीवास्तव, कात्यायन मणि त्रिपाठी, रत्नेश पाठक, रघुबंश सिंह समेत विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी एवं सदस्य काफ़ी संख्या में मौजूद रहे।
प्रभारी महराजगंज
कैलाश सिंह.

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