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श्रम विभाग की सघन जांच अभियान मे,चार बाल श्रमिक हुए मुक्त.

 



मिथिलेश कुमार पाण्डेय व्यूरो चीफ औरंगाबाद।




औरंगाबाद। आज दिनांक 09/09/2026 जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा  के निर्देशानुसार जिले में *बाल श्रम उन्मूलन को लेकर श्रम विभाग द्वारा लगातार जागरूकता एवं जांच अभियान चलाया जा रहा है*। इसी क्रम में आज दिनांक 09 सितंबर 2026 को श्रम अधीक्षक अंजू कुमारी के निर्देश पर गठित धावा दल द्वारा औरंगाबाद सदर एवं कुटुम्बा प्रखंड के विभिन्न चौक-चौराहों, दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में सघन जांच अभियान चलाया गया।



अभियान के दौरान *कुटुम्बा प्रखंड के हरिहरगंज रोड, अंबा स्थित शिव शक्ति होटल से 01 बाल श्रमिक तथा औरंगाबाद सदर के बाईपास स्थित कृति भोजनालय से 03 बाल श्रमिक, कुल 04 बाल श्रमिकों को कार्य करते हुए पाया गया*। धावा दल द्वारा सभी चारों बाल श्रमिकों को तत्काल मुक्त कराया गया।मुक्त कराए गए चारों *बाल श्रमिकों को तत्काल सहायता के रूप में प्रति बाल श्रमिक 3,000 रुपये, कुल 12,000 रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई गई*। साथ ही, मुक्त कराए गए बाल श्रमिकों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया पूरी की गई है। इसके उपरांत नियमानुसार उन्हें बाल गृह में आवासित कराते हुए उनके पुनर्वास की कार्रवाई की जाएगी। बच्चों एवं उनके परिवारों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की दिशा में भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बाल श्रमिकों से काम कराने वाले संबंधित नियोजकों के विरुद्ध बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की गई है। अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार बाल श्रमिकों से काम कराने वाले दोषी नियोजकों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। *दोष सिद्ध होने पर छह माह से दो वर्ष तक के कारावास तथा 20,000 रुपये से 50,000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है*। इसके अतिरिक्त सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप दोषी नियोजकों से 20,000 रुपये की राशि जिला बाल कल्याण एवं पुनर्वास कोष में जमा कराने की कार्रवाई भी की जाएगी।श्रम विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि बाल श्रम कराना कानूनन अपराध है। जिले में बाल श्रम के विरुद्ध जांच, कार्रवाई एवं जागरूकता अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि कहीं भी बाल श्रम की जानकारी मिलने पर इसकी सूचना संबंधित विभाग अथवा प्रशासन को दें, ताकि बाल श्रम की रोकथाम एवं बच्चों के पुनर्वास की प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।


अभियान में *कुटुम्बा प्रखंड के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी रणविजय कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी मदनपुर संजीव कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी बारुण नरेश कुमार तथा औरंगाबाद सदर के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी राकेश कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी नबीनगर विजेंद्र कुमार*, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी ओबरा रोहित कुमार, एनजीओ दिव्य ज्योति के सदस्य एवं संबंधित थाना के पुलिस बल उपस्थित रहे।

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