झारखंड गढ़वा ब्यूरो चीफ डॉ श्रवण कुमार की रिपोर्ट।
एटीएच न्यूज़ 11:- गढ़वा जिले के में एक वर्ष के अंदर दूसरी बार टूटा बांयीं बांकी नहर।वर्षा के पानी से लगभग 25 फिट लम्बाई में नहर टूट गया।मालूम हो कि 165 करोड़ की लागत राशि से उक्त नहर का खुदाई व पक्कीकरण का कार्य किया गया था।बायीं बांकी नहर का पक्कीकरण व जीर्णोद्धार का कार्य दो वर्ष पूर्व किया गया था।लेकिन इन दो वर्षों में दो बार नहर टूट गया ।इससे साबित होता है कि नहर का कार्य कितना गुणवत्तापूर्ण संवेदक द्वारा किया गया था।बायीं बांकी नहर जमुंदहा डैम से थोड़ा आगे मंगलवार को टूट गया है।नहर टूटने से नहर का मिट्टी व पानी किसानों के खेतों में भर रहा है।जिस कारण धान का फसल बर्बाद हो गया ।पिछले वर्ष उक्त नहर दक्षिण की ओर टूटा था इस बार उसी जगह पर उत्तर की ओर टूटा है।जब पिछले वर्ष नहर टूटा था तो स्थानीय लोगों ने नहर मरम्मत के समय संवेदक को इस बात की जानकारी दिए थे कि उत्तर तरफ भी पानी का रिसाव हो रहा है लेकिन संवेदक ने उसे ठीक करना जरूरी नही समझा और इस वर्ष उसी जगह नहर टूट गया।अभी तक उक्त नहर में विधिवत रूप से एक चम्मच भी पानी किसानों के खेतों तक नही पहुंचा है।उक्त नहर का शुरुआती निर्माण 1966 -67 में अकाल के वर्ष फूड फ़ॉर वर्क योजना के तहत किया गया था।लेकिन 60 वर्षों के बाद भी उक्त नहर का लाभ किसानों को नही मिला।कांडी प्रखण्ड में किसानों को सिंचाई के लिए कोई सरकार ने अभी तक कोई सुविधा नही दे पाई है।विधायक प्रतिनिधि अतीस कुमार सिंह ने बुधवार को स्थल पर जाकर जायजा लिया और इसकी जानकारी विभाग को देने की बात कही।साथ हीं उन्होंने कहा कि संवेदक के द्वारा बरती गयी अनियमितता के कारण नहर का निर्माण कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। उधर भरतपहाड़ी गाँव के पास उसी नहर के सोहगड़ा वितरणी में चार नम्बर फॉल टूट गया है।जिसे भी ठीक करने की मांग ग्रामीणों ने किया है।ग्रामीण वीरेंद्र यादव,धर्मेन्द्र यादव,दीपक यादव,पिंटू यादव,कर्मदेव प्रजापति, सुनेश प्रजापति, बैजनाथ प्रजापति, सीताराम यादव,शिव यादव,राजेश्वर सिंह,प्रेमनाथ सिंह,चंदन सिंह,संजीव सिंह सहित अन्य ने जल्द नहर का मरम्मत कराने की मांग किए हैं।

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