थाना लालगंज से रामजीत चौधरी की रिपोर्ट.
ATH NEWS 11 GROUP -:लालगंज - बस्ती जिले की बनकटी नगर पंचायत के देईसांड फीडर पर बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने धरना देकर अपना आक्रोश जताया। धरने में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल हुए। ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था के साथ सड़क, स्कूल और दूसरी स्थानीय समस्याओं को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि लंबे समय से समस्याएं बनी हुई हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।
बिजली कटौती से सबसे ज्यादा परेशानी...
ग्रामीणों ने बताया कि बिजली न आने से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। बच्चों की पढ़ाई पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। शाम और रात के समय बिजली कटौती होने से महिलाओं को खाना बनाने समेत घरेलू कामों में भी परेशानी होती है। ग्रामीणों का दावा है कि उन्हें रात में बिजली लगभग नहीं मिलती।
*18 घंटे बिजली के दावे पर उठाए सवाल*
ग्रामीणों ने सरकार के 18 घंटे बिजली देने के दावे पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि कागजों में ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे बिजली देने की बात कही जाती है, जबकि जमीन पर उन्हें केवल चार-पांच घंटे बिजली मिल रही है। वह भी मुख्य रूप से दिन के समय आती है। रात में बिजली की कटौती से बच्चों की पढ़ाई और ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
जेई-एसडीओ को फोन किया, नंबर बंद मिला
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने बताया कि समस्या की जानकारी देने के लिए उन्होंने जेई और एसडीओ के सरकारी मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की। आरोप है कि दोनों के नंबर बंद मिले। ग्रामीणों का कहना है कि जब अधिकारी ही फोन पर उपलब्ध नहीं होंगे तो बिजली कटौती की समस्या किसके सामने रखी जाए।
*सड़क और स्कूल की समस्याएं भी गिनाईं*
ग्रामीणों ने केवल बिजली ही नहीं, बल्कि सड़क और स्कूल से जुड़ी समस्याओं को भी सामने रखा। उनका कहना था कि गांवों में कई बुनियादी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। इन समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की जाती है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती।
सांसद-विधायक पर भी जताई नाराजगी
महिलाओं और पुरुषों ने जनप्रतिनिधियों को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का कहना था कि चुनाव के समय सांसद और विधायक बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद क्षेत्र की समस्याएं जानने के लिए कोई नहीं आता। ग्रामीणों ने महादेवा विधायक दूध राम के प्रति भी नाराजगी जताई।
*बोले- 2027 में जनता देगी जवाब*
धरने में ग्रामीणों ने सरकार के प्रति नाराजगी जताते हुए
कहा कि अगर इसी तरह भेदभाव जारी रहा तो 2027 के विधानसभा चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं की अनदेखी करने वाले जनप्रतिनिधियों को चुनाव के समय इसका जवाब मिलेगा। ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था में सुधार और स्थानीय समस्याओं के समाधान की मांग की।

إرسال تعليق