मिथिलेश कुमार पाण्डेय व्यूरो चीफ औरंगाबाद।
औरंगाबाद। आज दिनांक 14/08/2026 प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय-सह अध्यक्ष मध्यस्थता निगरानी एवं पर्यवेक्षी समिति अरूण कुमार के नेतृत्व में निगरानी एवं पर्यवेक्षी समिति का बैठक आयोजित किया गया। इस बैठक में पंकज पाण्डेय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश नवम् सह संयोजक पर्यवेक्षी समिति के साथ-साथ लोक अभियोजक, अजय कुमार, सरकारी अधिवक्ता,बृजा सिंह, विधि संघ के अध्यक्ष विजय कुमार पाण्डेय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह एवं प्रशिक्षित मध्यस्थ एवं मध्यस्थता समन्वयक-सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव, तान्या पटेल उपस्थित रही। इस बैठक में प्रधान न्यायाधीश द्वारा बताया गया कि वादों को निस्तारण में मध्यस्थता का प्रयोग करें वर्तमान परिस्थिति के अनुरूप मध्यस्थता समय की आवश्यकता है। जिसके तहत भी मध्यस्थता की कार्रवाई की जा रही है। मध्यस्थता के उद्देष्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा गया कि स्वच्छ समाज तथा स्वच्छ पारिवारिक वातावरण के निर्माण में मध्यस्थता का महत्वपूर्ण स्थान होता है।
प्रधान न्यायाधीश द्वारा बताया गया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार राष्ट्र के लिए मध्यस्थता 3.0 अभियान चलाया जा रहा है। जिसके अन्तर्गत वैवाहिक विवाद मामलें, दुर्घटना दावा मामलें, घरेलू हिंसा मामलें, चेक बाउंस मामलें, वाणिज्यिक विवाद मामलें, सेवा मामलें, आपराधिक समझौता योग्य मामलें, उपभोक्ता विवाद मामलें, ऋण वसूली मामलें, विभाजन मामलें, बेदखली मामलें, भूमि अधिग्रहण मामलें, अन्य उपयुक्त सिविल मामलें को प्रमुखता से निस्तारण की कार्रवाई की जा जायेगी। इस हेतु सभी स्तर से लगातार पहल करने की जरूरत है। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय द्वारा बताया गया कि बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश जिसके अन्तर्गत राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण ने मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति, माननीय सर्वोच्च न्यायालय के सहयोग से मुख्य न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय और माननीय न्यायमूर्ति सह कार्यकारी अध्यक्ष राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, और अध्यक्ष एमसीपीसी के मार्गदर्शन में विशेष मध्यस्थता अभियान-’’मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 3.0 का शुभांरभ किया गया है जिसके अन्तर्गत व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद एवं अनुमण्डलीय व्यवहार न्यायालय दाउदनगर में चिन्ह्ति वाद जिसमें पक्षकार सहमत है, निस्तारण की कार्रवाई की जायेगी। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय औरंगाबाद द्वारा अपील किया गया कि उक्त मामलों के निस्तारण में मध्यस्थता एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, जिसका उपयोग अधिक से अधिक लोगो को करना चाहिए और इसके लिए सभी सम्बन्धित को पूर्ण सहयोग की आवश्यकता है। प्रधान न्यायाधीश द्वारा बताया कि न्यायालय में लम्बित मामलों के साथ-साथ वाद लाने के पूर्व तथा कई स्तरों पर मध्यस्थता की कार्रवाई की जाती है, आवष्यकता है लोगो में जागरूकता लाने की जिसके लिए कई स्तरों पर लगातार पहल की जा रही है।
इस अवसर पर मध्यस्थता समन्वयक-सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव, तान्या सचिव तान्या पटेल द्वारा बताया गया इस मध्सस्थता विशेष अभियान 3.0 के लिए कई स्तरों पर प्रचार-प्रसार की कार्रवाई की जायेगी। जिसके लिय सभी स्तर पर सहयोग लिया जायेगा । इस बैठक में अनन्तदेव नारायण सिंह, अरूण तिवारी प्रशिक्षित मध्यस्थ भी उपस्थित रहें।

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