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पुस्तकालय विज्ञान के जनक डॉ. एस. आर. रंगनाथन की जयंती पर केंद्रीय पुस्तकालय में काव्य गोष्ठी.




मिथिलेश कुमार पाण्डेय व्यूरो चीफ औरंगाबाद।



औरंगाबाद। आज दिनांक 14 अगस्त, 2026 भारतवर्ष के महान गणितज्ञ एवं पुस्तकालय विज्ञान के जनक डॉ एस. आर. रंगनाथन की जयंती के अवसर पर औरंगाबाद शहर की हृदयस्थली में स्थित केंद्रीय पुस्तकालय, औरंगाबाद के प्रांगण में बुधवार की शाम एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ साहित्यकार धनंजय जयपुरी ने की, जबकि मंच का संचालन कवि अनिल अनल ने किया।

 अध्यक्ष धनंजय जयपुरी ने कहा कि पुस्तकालय केवल पुस्तकों के संग्रह का केंद्र नहीं, बल्कि साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण मंच है. ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को साहित्य और पुस्तकों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

आहूत कार्यक्रम में काव्य के विविध रंग देखने को मिले। एक ओर जहां डॉ ओम प्रकाश पांडेय ने अपनी 'ओझाई' नामक कविता के माध्यम से समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार पर गहरा आघात किया, वहीं अनुज बेचैन ने मुंशी  प्रेमचंद की विभिन्न  रचनाओं को एक सूत्र में पिरोते हुए बड़ा ही मनमोहक काव्य पाठ किया. हास्य कवि विनय मामूली बुद्धि की मर्मभेदी कविताओं ने पहले तो श्रोताओं- दर्शकों को हंसाया -गुदगुदाया फिर सोचने पर मजबूर भी कर दिया. नागेंद्र कुमार केसरी ने जब- "इक नन्हा बच्चा सोया था, मीठे सपनों में खोया था" का पाठ किया तो 

दर्शक-दीर्घा में बैठे लोग को आंसू बहाये बिना न रह सके। कार्यक्रम के आयोजक की जिम्मेदारी केंद्रीय पुस्तकालय के पुस्तकालय अध्यक्ष मिथिलेश कुमार ने संभाली. इस दौरान उनके द्वारा सतत कार्यक्रम करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।

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