⚡ ब्रेकिंग News

जलालाबाद ग्रामसभा ब्लॉक गौर में राष्ट्रीय सवर्ण शक्ति मोर्चा द्वारा आयोजित जन जागृति चौपाल में उमड़ा जनाक्रोश, मोर्चा अध्यक्ष रामजी पाण्डेय ने यूजीसी वापस लेने और आरक्षण और शिक्षा के सुधार की समीक्षा पर सरकार को दी सुधरने की चेतावनी.

 


संजय कुमार चौरसिया ब्यूरो रिपोर्ट बस्ती.


बस्ती  -  रविवार को राष्ट्रीय सवर्ण शक्ति मोर्चा द्वारा आयोजित जन जागृति आक्रोश चौपाल में बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने यूजीसी काले कानून एवं शिक्षा में आरक्षण को लेकर स्वास्थ्य की गिरती व्यवस्था एवं युवाओं के भविष्य तथा विभिन्न जनहित के मुद्दों पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। सभा में मोर्चा अध्यक्ष श्री रामजी पाण्डेय ने आरोप लगाया कि यूजीसी काले कानून को जल्द वापस लिया जाए नहीं तो सरकार को सवर्ण समाज आगमी चुनाव में वोट से इस गद्दार सरकार को उखाड़ कर फेंकने का काम करेगा। अगर सरकारी जन सुविधाओं को नजर अंदाज करती रही और ई-20 (E20) पेट्रोल नीति सहित आम जनता को प्रभावित करने वाली शिक्षा स्वास्थ्य और बेरोजगारी जैसे विभिन्न नीतियों पर सुधार नहीं हुआ तो चुनाव में सरकार का खुलकर विरोध और वहिष्कार किया जाएगा और वोट मांगने आए प्रत्याशियों को मुँहतोड़ जवाब दिया जाएगा।


मुख्य वक्ता रामप्रताप सिंह ने कहा कि जिन नए प्रावधानों का विरोध किया जा रहा है, उसमे सवर्ण समाज के बच्चों के भविष्य पर खतरा हैं उन्हें बिना व्यापक जनसंवाद और सहमति के लागू किया गया, जिससे छात्रों, अभिभावकों और समाज के एक बड़े वर्ग में असंतोष व्याप्त है।


वक्ता अमितेष प्रताप सिंह ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था लगातार अनिश्चितता की ओर बढ़ रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार आरक्षण से योग्यता पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है 

वक्ता यशवंत सिंह रोलू जी ने कहा यूजीसी काले कानून से युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों तथा उच्च शिक्षा में बार-बार किए जा रहे बदलावों ने छात्रों का विश्वास कमजोर किया है। वक्ता प्रमोद सिंह जी ने मांग की कि शिक्षा व्यवस्था को राजनीतिक प्रयोगों का माध्यम बनाने के बजाय छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।


चौपाल में नौकरियों में आरक्षण एवं स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया कि आम नागरिक को आज भी गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। 

मोर्चा का मानना हैं कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सीय सुविधाएं बढ़ाने तथा गरीब और मध्यम वर्ग के लिए बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत हैं।


देश मे किसी भी बड़े निर्णय को लागू करने से पहले अगर सवर्ण समाज को विश्वास में नहीं लिया गया तो परिणाम भयानक होगा अन्यथा सामाजिक, आर्थिक और व्यावहारिक प्रभावों पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए, ताकि आम नागरिकों पर अनावश्यक बोझ न पड़े।


राष्ट्रीय सवर्ण शक्ति मोर्चा ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शिक्षा, स्वास्थ्य, युवाओं के भविष्य और जनहित से जुड़े मुद्दों पर जनभावनाओं की लगातार अनदेखी की गई, तो जनता लोकतांत्रिक तरीके से आगामी चुनाव में इसका जवाब देगी। लोकतंत्र में जनता ही सर्वोच्च है और सरकारों का भविष्य जनता के विश्वास पर निर्भर करता है।


सभा में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि जनहित से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो संगठन प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चलाकर व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन को आगे बढ़ाएगा। 

बैठक जलालाबाद प्रभारी प्रियतेष दूबे पिंटू, सेक्टर प्रभारी सिद्धार्थ तिवारी, जीत नारायण मिश्र, अन्य सेक्टर प्रभारी प्रेम शंकर राठौर, आशीष सिंह राठौर, जयसिंह राठौड़, उदय प्रताप सिंह, सहित बड़ी संख्या मे गणमान्य ग्रामीण जागरुक जनता संगठन सिपाही श्री रवि सिंह, श् यशवंत सिंह, प्रमोद सिंह, अमितेष प्रताप सिंह, साकेत त्रिपाठी, अन्य सेक्टर प्रभारी रवीन्द्र पाण्डेय, उदय प्रताप सिंह बड़ी संख्या मे नागरिक उपस्थित रहें।

Post a Comment

Previous Post Next Post
BREAKING NEWS : Loading...

ताज़ा खबरें

राजनीति समाचार
राजनीति समाचार लोड हो रहे हैं...