मिथिलेश कुमार पाण्डेय व्यूरो चीफ औरंगाबाद।
औरंगाबाद।आज दिनांक 21 जुलाई 2026 को जिला पदाधिकारी औरंगाबाद अभिलाषा शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में नबीनगर प्रखंड अंतर्गत पीपरा पंचायत स्थित +2 उच्च विद्यालय सत्येंद्र नारायण सिंह परिसर में जन शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के उद्देश्य से "सहयोग शिविर" का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ बिहार गीत के सामूहिक गायन से हुआ। तत्पश्चात विधायक, जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर शिविर का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को पौधा एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा ने उपस्थित ग्रामीणों का स्वागत करते हुए कहा कि सहयोग शिविर" का उद्देश्य प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुँचाना है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी एवं सम्मानजनक तरीके से पहुँचे और इसी उद्देश्य से जिले के सभी पंचायतों में सहयोग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भूमि विवाद, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड, आय एवं आवासीय प्रमाण-पत्र, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना, मनरेगा, विद्युत, पेयजल, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य अथवा किसी भी सरकारी योजना से संबंधित शिकायत या आवेदन इस शिविर के माध्यम से प्रस्तुत किए जा सकते हैं। इसके लिए पूर्व से ही पंचायत स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार कर आवेदन प्राप्त करने की व्यवस्था की गई थी।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि पीपरा पंचायत से अब तक 56 आवेदन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई नागरिक आज आवेदन प्रस्तुत नहीं कर सका है, तो भी चिंता की आवश्यकता नहीं है। सहयोग पोर्टल एवं हेल्पलाइन की सुविधा निरंतर उपलब्ध रहेगी तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि भविष्य में प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों का भी निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि सामान्य प्रकृति के आवेदनों का निष्पादन 30 दिनों के भीतर किया जाएगा, जबकि हमलोग का प्रयास है कि अधिकांश मामलों का समाधान 15 दिनों के भीतर कर दिया जाए। भूमि संबंधी ऐसे मामले, जिनमें न्यायालयीन प्रक्रिया आवश्यक है, उनका भी विधिसम्मत एवं शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि औरंगाबाद जिला सहयोग अभियान के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के निष्पादन में राज्य के अग्रणी जिलों में शामिल है। जिले में लगभग 96 प्रतिशत आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन का लक्ष्य केवल आवेदनों का निष्पादन करना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है। इसके लिए सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी नियमित रूप से अनुश्रवण कर रहे हैं।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि नाली, गली, पेयजल, बिजली अथवा अन्य किसी भी सार्वजनिक समस्या के संबंध में बिना संकोच आवेदन प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर केवल एक दिवसीय कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह एक सतत व्यवस्था है, जिसके माध्यम से नागरिक भविष्य में भी अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि शिविर परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है तथा पात्र लाभुकों के ई-श्रम कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड एवं अन्य आवश्यक सेवाओं से संबंधित आवेदन भी स्वीकार किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष स्वास्थ्य जांच अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत शिविर स्थल पर ही क्षय रोग (टीबी) की जांच एवं स्क्रीनिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे लोगों को अस्पताल जाने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से जांच कराने की अपील करते हुए कहा कि समय पर पहचान एवं उपचार से टीबी पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।उन्होंने बताया कि पिछले एक माह के दौरान जिले में टीबी स्क्रीनिंग अभियान में उल्लेखनीय प्रगति हुई है तथा बड़ी संख्या में नागरिकों की जांच कराई गई है। उन्होंने कहा कि टीबी से संक्रमित मरीजों को निःशुल्क उपचार के साथ-साथ जिला प्रशासन द्वारा पोषण सहायता किट भी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में सहायता मिल सके। साथ ही संक्रमित मरीजों के परिवारजनों की भी आवश्यक जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श सुनिश्चित किया जा रहा है।जिला पदाधिकारी ने साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि डिजिटल लेन-देन के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर ठगी की घटनाओं में भी वृद्धि हुई है। आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से शिविर में विशेष साइबर सुरक्षा जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाता, ओटीपी अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें तथा किसी भी संदिग्ध स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचित करें।
उन्होंने सभी पंचायतवासियों से सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने एवं पात्रता के अनुसार उनका लाभ उठाने का आग्रह किया। विशेष रूप से महिलाओं, किसानों, युवाओं, दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों से उन्होंने शिविर का अधिकाधिक लाभ लेने की अपील करते हुए कहा कि जिला प्रशासन का संकल्प है कि सरकार की प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सम्मानपूर्वक, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुँचे।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा लाभुकों के बीच ई-श्रम कार्ड, जॉब कार्ड, राशन कार्ड एवं आयुष्मान भारत कार्ड का वितरण किया गया। साथ ही दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल भी प्रदान की गई।आज आयोजित सहयोग शिविर के माध्यम से जिले में कुल 1,130 आवेदन प्राप्त हुए, जिनके निष्पादन की प्रक्रिया प्राथमिकता के आधार पर जारी है। वहीं पीपरा पंचायत से प्राप्त 56 आवेदनों में से 53 का निष्पादन कर दिया गया।शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन, मनरेगा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, सात निश्चय-2 अंतर्गत नल-जल योजना, कौशल विकास योजना, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित स्टॉल लगाए गए।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित स्वास्थ्य शिविर में दवा वितरण, नेत्र जांच, रक्त जांच, रक्तचाप जांच, आयुष्मान भारत कार्ड, यूडीआईडी कार्ड तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई गईं। इसके अतिरिक्त जिला बाल संरक्षण इकाई, प्रधानमंत्री आवास योजना, आईसीडीएस, शिक्षा विभाग एवं राजस्व विभाग द्वारा भी स्टॉल लगाए गए, जहाँ ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं एवं योजनाओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। साथ ही प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत टीबी स्क्रीनिंग एवं जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त प्रत्येक आवेदन का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी आवेदक को अनावश्यक रूप से प्रतीक्षा न करनी पड़े।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. कृष्णा कुमार, वरीय उपसमाहर्ता श्वेता प्रियदर्शी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, नबीनगर, अंचल अधिकारी, नबीनगर, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, नबीनगर, उप प्रमुख श्री लव सिंह, विभिन्न विभागों के जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।

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