मिथिलेश कुमार पाण्डेय व्यूरो चीफ औरंगाबाद।
औरंगाबाद।आज दिनांक 21 जुलाई 2026 को जिला पदाधिकारी, औरंगाबाद अभिलाषा शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में नबीनगर प्रखंड अंतर्गत पीपरा पंचायत स्थित +2 उच्च विद्यालय सत्येंद्र नारायण सिंह परिसर में "साइबर मंगलवार" के अवसर पर साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम एवं सेमिनार का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों, डिजिटल सुरक्षा, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग तथा ऑनलाइन ठगी से बचाव के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।इस अवसर पर राहुल कुमार, राज्य समन्वयक MSC(NITI Aayog Development Partner) एवं मनोरंजन पाठक स्वाधार फिनएक्सेस (CFL), जिला प्रभारी, औरंगाबाद द्वारा सेमिनार आयोजित कर छात्रों को साइबर जागरूकता के विषय में जानकारी दी गई।
जिला पदाधिकारी द्वारा छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि साइबर सुरक्षा केवल उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण नहीं है, जिनके पास अधिक धनराशि या बड़े बैंक खाते हैं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी भविष्य के डिजिटल जागरूकता दूत (डिजिटल एम्बेसडर) हैं और वे अपने परिवार, मित्रों एवं समाज के अन्य लोगों को भी साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया एवं डिजिटल माध्यमों का उपयोग अत्यंत सावधानी एवं जिम्मेदारी के साथ करें। किसी भी व्यक्ति के साथ अपनी निजी तस्वीरें, व्यक्तिगत जानकारी अथवा संवेदनशील सामग्री साझा करने से बचें। कई बार विश्वास का दुरुपयोग कर साइबर अपराधी ब्लैकमेलिंग एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते हैं। ऐसी किसी भी स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल अपने अभिभावकों एवं पुलिस को सूचित करें।जिला प्रशासन एवं जिला पुलिस हर नागरिक की सहायता के लिए सदैव तत्पर है।
जिला पदाधिकारी ने विद्यार्थियों से कहा कि सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाले भ्रामक प्रचार, त्वरित कमाई के झूठे दावे एवं आकर्षक प्रलोभनों से प्रभावित न हों। शिक्षा ही सबसे बड़ी पूंजी है, जिसे कोई छीन नहीं सकता।
उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपने अध्ययन पर ध्यान केंद्रित करने तथा अपने ज्ञान एवं विवेक के बल पर सुरक्षित एवं सफल भविष्य का निर्माण करने का आह्वान किया।उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, किसी के साथ ओटीपी, बैंक खाता संबंधी जानकारी, पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय सूचनाएं साझा न करें। यदि मोबाइल या सोशल मीडिया के माध्यम से किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, साइबर ठगी अथवा ब्लैकमेलिंग का प्रयास हो तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें तथा संबंधित पुलिस थाना अथवा साइबर थाना को सूचित करें।
अंत में जिला पदाधिकारी ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं सतर्क रहें तथा अपने परिवार एवं समाज के अन्य लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें, जिससे साइबर अपराधों की रोकथाम में सभी की सहभागिता सुनिश्चित हो सके।
पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि साइबर अपराधी विभिन्न माध्यमों से लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने, फर्जी कॉल, संदेश एवं ऑनलाइन प्रलोभनों से सतर्क रहने तथा किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने एवं www.cybercrime.gov.in� पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि समय पर शिकायत दर्ज होने से ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को मजबूत पासवर्ड के उपयोग, सोशल मीडिया पर सावधानी, ऑनलाइन गेमिंग एवं निवेश के नाम पर होने वाली ठगी, डिजिटल अरेस्ट सहित विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई तथा उन्हें एक जिम्मेदार एवं जागरूक डिजिटल नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आमजन में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित एवं जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करना था। जिला प्रशासन एवं जिला पुलिस द्वारा यह भी जानकारी दी गई कि प्रत्येक मंगलवार "साइबर मंगलवार" के रूप में साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है।ताकि समाज के सभी वर्गों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया जा सके।इस अवसर पर राहुल कुमार, राज्य समन्वयक, एमएससी (नीति आयोग डेवलपमेंट पार्टनर), मनोरंजन पाठक, जिला प्रभारी, स्वाधार फिनएक्सेस (सीएफएल), औरंगाबाद, विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण, जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के पदाधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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