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'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत विशेष सखी वार्ता कार्यक्रम आयोजित कर छात्राओं को किया गया जागरूक.




मिथिलेश कुमार पाण्डेय व्यूरो चीफ औरंगाबाद।




औरंगाबाद।आज दिनांक 21 जुलाई 2026 को जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास निगम, औरंगाबाद अंतर्गत जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन (DHEW) द्वारा कुटुंबा प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' योजनांतर्गत विशेष सखी वार्ता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 


कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं एवं किशोरियों को शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, लैंगिक समानता तथा उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह, लैंगिक हिंसा, घरेलू हिंसा, दहेज प्रथा, लैंगिक भेदभाव, किशोरियों के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, शिक्षा के महत्व तथा महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही छात्राओं को शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने, आत्मविश्वास विकसित करने तथा अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परियोजना प्रबंधक विनय प्रताप सिंह ने कहा कि बेटियों की शिक्षा एवं सशक्तिकरण समाज के समग्र विकास का आधार है। उन्होंने छात्राओं से शिक्षा को अपने जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य बनाने तथा सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।इस अवसर पर जेंडर स्पेशलिस्ट चंदन कुमार ने मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, महिला हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर तथा मिशन शक्ति योजना सहित महिलाओं एवं बालिकाओं के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न अथवा संकट की स्थिति में महिला हेल्पलाइन-181 तथा बच्चों से संबंधित मामलों में चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।


जेंडर स्पेशलिस्ट श्यामली कुमारी ने बाल विवाह, घरेलू हिंसा, लैंगिक हिंसा, दहेज उत्पीड़न तथा लैंगिक भेदभाव जैसी सामाजिक कुरीतियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए इनके दुष्परिणामों से छात्राओं को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए बालिकाओं का शिक्षित, जागरूक एवं आत्मनिर्भर होना अत्यंत आवश्यक है।कार्यक्रम के दौरान मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन (Menstrual Hygiene Management-MHM) के महत्व पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। तथा किशोरियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर जिला प्रशासन, औरंगाबाद की ओर से सभी छात्राओं के बीच एमएचएम (MHM) किट का वितरण किया गया।इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षकगण, विद्यालय के कर्मी तथा बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।

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