मिथिलेश कुमार पाण्डेय व्यूरो चीफ औरंगाबाद।
औरंगाबाद। आज दिनांक 21/07/2026 *जिला पदाधिकारी, औरंगाबाद अभिलाषा शर्मा (भा॰प्र॰से॰) ने आज दिनांक- 21.07.2026 को *प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान* के अंतर्गत पिपरा पंचायत, नबीनगर में आयोजित स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया, जहाँ संभावित टीबी रोगियों की **एक्स-रे स्क्रीनिंग** की जा रही थी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्क्रीनिंग की व्यवस्था, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही। स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया एवं संबंधित अधिकारियों को अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने कहा कि **टीबी मुक्त भारत अभियान** का उद्देश्य केवल रोग की पहचान करना ही नहीं, बल्कि समय पर उपचार एवं समुचित पोषण उपलब्ध कराकर मरीजों को पूर्णतः स्वस्थ बनाना भी है। उन्होंने कहा कि औरंगाबाद जिला इस अभियान में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। तथा अब तक *लगभग 3.5 लाख लोगों की टीबी स्क्रीनिंग* की जा चुकी है। उन्होंने संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक संभावित मरीजों की जांच सुनिश्चित करते हुए अभियान को जन-जन तक पहुँचाया जाए।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि टीबी से चिन्हित मरीजों को उपचार के साथ-साथ *प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान* के अंतर्गत *पोषण किट* भी उपलब्ध कराई जा रही है। यह किट मरीजों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।ताकि उपचार के दौरान उनके स्वास्थ्य में शीघ्र सुधार हो सके।
उन्होंने बताया कि पोषण किट में *प्रोटीन युक्त खाद्य सामग्री* जैसे *सोया चंक्स, चना दाल, मूंगफली, मिल्क पाउडर* के साथ-साथ *आटा एवं खाद्य तेल* भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संतुलित एवं पौष्टिक आहार टीबी मरीजों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। और बेहतर पोषण से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिससे मरीज शीघ्र स्वस्थ होते हैं।
जिला पदाधिकारी ने स्वास्थ्यकर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि घर-घर जाकर स्क्रीनिंग, समय पर जांच, उपचार एवं मरीजों के नियमित फॉलो-अप के कारण जिले में अभियान को उल्लेखनीय सफलता मिल रही है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, लगातार बुखार, वजन कम होना अथवा अन्य टीबी के लक्षण दिखाई दें। तो वे बिना किसी संकोच के निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच अवश्य कराएं। टीबी पूरी तरह से इलाज योग्य बीमारी है तथा समय पर पहचान और नियमित उपचार से इसे पूर्णतः ठीक किया जा सकता है।
जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से आह्वान किया कि वे टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने, मरीजों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव न करने तथा *टीबी मुक्त औरंगाबाद एवं टीबी मुक्त भारत* के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उक्त शिविर में सिविल सर्जन औरंगाबाद, डीपीएम स्वास्थ्य सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

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