झारखंड गढ़वा ब्यूरो चीफ डॉ श्रवण कुमार की रिपोर्ट।
एटीएच न्यूज़ 11:- गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड मुख्यालय स्थित राजकीयकृत जमा दो उच्च विद्यालय में सोमवार को विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन नहीं हो सका। बैठक में समिति के एक भी सदस्य उपस्थित नहीं हुए। एसएमसी पुनर्गठन में हुई इस लापरवाही को लेकर पंचायत के जनप्रतिनिधि विद्यालय पहुंचे और प्रधानाध्यापक मलय कुमार सिंह से जवाब-तलब किया। उन्होंने सूचना नहीं दिए जाने का आरोप लगाया। निरीक्षण के दौरान मुखिया विजय राम, पंचायत समिति प्रतिनिधि अनूप पासवान सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने प्रधानाध्यापक से पूछा कि एसएमसी पुनर्गठन की सूचना जनप्रतिनिधियों और समिति के सदस्यों को क्यों नहीं दी गई। प्रधानाध्यापक ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और समिति के सदस्यों की इसमें कोई भूमिका नहीं है। इस बयान के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसी बीच जनप्रतिनिधियों ने हाल ही में आधा दर्जन छात्रों के जबरन बाल काटे जाने का मुद्दा भी उठाया। प्रधानाध्यापक ने कहा कि मैं जो चाहूंगा, जैसे चाहूंगा, वैसे करूंगा।
कोई मेरा मालिक है क्या? इस टिप्पणी पर जनप्रतिनिधियों ने कड़ी नाराजगी जताई।जनप्रतिनिधियों ने कहा कि विद्यालय अवधि में कई छात्र परिसर से बाहर घूमते रहते हैं। इस पर प्रधानाध्यापक ने मध्याह्न भोजन और पेयजल की समस्या का हवाला दिया। हालांकि मौके पर निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधियों ने समरसेबल नल चालू पाया और खुद पानी पीकर पेयजल उपलब्ध होने का दावा किया।विद्यालय भवन की मरम्मत की समीक्षा में जनप्रतिनिधियों ने कई खामियां गिनाईं। उन्होंने बताया कि जिस फर्श की मरम्मत हो रही है वहां करीब चार इंच पानी जमा था। छत क्षतिग्रस्त है और मजदूर छज्जा तोड़ने का काम कर रहे थे। जेई अनिल पांडेय ने बताया कि 1.45 लाख रु. की लागत से भवन की मरम्मत कराई जा रही है
और इसकी जानकारी विभाग को है।जनप्रतिनिधियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस घटना के बाद क्षेत्र में विद्यालय की व्यवस्था, एसएमसी पुनर्गठन और भवन मरम्मत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। मौके पर रविन्द्र कुमार, तबरेज़ आलम, नन्हक कुमार, प्रदीप राम सहित अन्य लोग कई लोग उपस्थित थे।

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