ATH NEWS 11:-छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर अहम फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने माता-पिता के घर से बेदखली के खिलाफ बेटे और बहू द्वारा दायर याचिका खारिज करते हुए मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल और अपीलीय ट्रिब्यूनल के आदेश को बरकरार रखा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वरिष्ठ नागरिक अधिनियम, 2007 का उद्देश्य केवल भरण-पोषण सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि बुजुर्गों को जीवन के अंतिम पड़ाव में सम्मान, शांति और सुरक्षा प्रदान करना भी है।
बुजुर्ग मां ने प्रताड़ना का लगाया था आरोप------
मामला बिलासपुर-मुंगेली रोड स्थित मिनोचा कॉलोनी का है। यहां रहने वाली 93 वर्षीय संतोष खन्ना ने मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल में आवेदन देकर बताया था कि उनके बड़े बेटे देवेंद्र खन्ना और बहू नीरजा खन्ना, जो उनके मकान की पहली मंजिल पर रहते हैं, लगातार उन्हें प्रताड़ित और परेशान करते हैं। बुजुर्ग महिला ने आवेदन में यह भी आशंका जताई थी कि बेटे-बहू के व्यवहार से उनके जीवन को खतरा है। उन्होंने ट्रिब्यूनल से दोनों को घर से बेदखल करने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की थी।

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